पूर्णिया: जियो टैगिंग व मुआवजे की का मांग पर किसानों का धरना

प्रियांशु आनंद/पूर्णिया

पूर्णिया/बिहार:  डगरूआ प्रखंड कार्यालय परिसर में एआईएमआईएम के बैनर तले फसल क्षति का मुआवजा तथा जियो टैगिंग को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया। जिसकी अगुवाई बायसी विधायक सभा के पूर्व प्रत्याशी गुलाम सरवर ने की। इस धरना में पार्टी के कई दिग्गज कार्यकर्ता और विभिन्न पंचायतों से सैकड़ों किसान व ग्रामीण शामिल थे। धरना को संबोधित करते हुए गुलाम सरवर ने कहा कि आज बहुत सारे नेताओं का जगह जगह भाषण हो रहा है। लेकिन किसी ने भी सीमांचल की तबाही व बर्बादी का कहीं जिक्र नहीं किया।

बल्कि अपने वोट बटोरने के लिए तरह तरह के नुस्खे अपनाते रहे हैं। सरवर ने कहा आप लोग चाहे जिसे भी वोट दे उससे हमें या हमारी पार्टी को कोई एतराज नहीं है बल्कि सीमांचल के किसानों व वृद्धजनों पर हो रहे प्रशासनिक शोषण का अब खुलकर विरोध करेंगे। गरीबों व किसानों को उनका हक दिलाने के लिए चाहे हमें या हमारी पार्टी को जो भी कदम उठाना पड़ेगा उठाएंगे। चाहे पुलिस की लाठी ही क्यों न खानी पड़े खाएंगे। लोगों के हक के लिए चक्का जाम करना पड़े या ब्लॉक का घेराव करना पड़े या अनुमंडल स्तर से जिला तक लड़ना पड़े तबतक लड़ेंगे जबतक लोगों को उनका हक नहीं मिल जाता है।

उन्होंने कहा कि अगर तीन दिन के भीतर फसल क्षति का मुआवजा नहीं मिला तथा शीघ्र जियो टैगिंग को नहीं हटाया गया तो चक्का जाम कर देंगे। आज बालू पांच हजार में क्यों मिल रहा है दो हजार रुपए कहां जा रहा है। कन्यादान का पैसा नहीं मिल रहा है। वृद्धा पेंशन दो साल क्यों नहीं मिल रहा, गृह क्षति का घर घर सर्वे कराया गया था रिलीफ कोर्ट के अनुसार लोगों को मुआवजा क्यों नहीं दिया गया है। इन सबका जिम्मेदार कौन है सरकार हमें बताएं।

आखिर क्यों पहले से तबाह लोगों को सरकार अलग दांव पेंच लगाकर और बर्बाद करने पर तुली है। आज इस इलाके का यह हाल है कि खुद लोग अपने ही खेत से मिट्टी काटने के लिए प्रशासन का मोहताज बन गए हैं। अनुमति लेने के लिए प्रशासन को नजराना चुकाना पड़ता है। कहीं न कहीं प्रशासन द्वारा अलग अलग तरीके से लोगों को परेशानी में डालकर रखा गया है।

वहीं कई वक्ताओं ने बारी बारी से अपने संबोधन से लोगों को उनके हक के प्रति जागरूक किया और खासकर किसानों को एकत्रित होकर आने वाले समय इस लड़ाई में सहयोग की अपील की। धरना में प्रखंड विकास पदाधिकारी उमेश प्रसाद सिंह को ज्ञापन भी सौंपा गया। ज्ञापन में फसल क्षति भुगतान पर लगाई गई रोक अति शीघ्र हटाकर किसानों को मुआवजा भुगतान किए जाने, गृहक्षति का मुआवजा राशि का भुगतान शीघ्र किए जाने, अनुश्रवण समिति से पारित जिन परिवारों को जीआर राशि अबतक नहीं मिल पाई है उन्हें जीआर की राशि का भुगतान किए जाएं।

अनुमंडल क्षेत्र को बाढ़ से स्थाई निदान के लिए सरकार ठोस कदम उठाएं, किसानों के केसीसी श्रण को माफ किया जाए, सीमांचल के किसानों से बकाया लगान की राशि पुराने दरों पर भुगतान लेने का निर्देश दिए जाएं, मिट्टी बालू की समस्या का स्थाई निदान किया जाए, वृद्धा पेंशन का भुगतान ससमय किए जाने की मांग की गई। इस मौके पर नसीम अख्तर, इश्तयाक, जिलाध्यक्ष शाहनवाज, नदीम, शमसाद, अमीन अख्तर, विवेकानंद यादव, अरुण यादव, शम्स तालीम, ईसराइल, मो रागिब समेत कई अन्य ग्रामीण मौजूद थे।

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