पूर्णिया: जनधन खाते का केवाईसी कराने के बाद ही सीएसपी में मिल रही हैं बैंकिंग सेवाएं

प्रियांशु आनंद/पूर्णिया

पूर्णिया/बिहार:  जनधन योजना के तहत खोले गए खातों में लिमिट से अधिक राशि की जमा निकासी को लेकर जहां अकाउंट ब्लॉक कर दिए गए हैं वहीं एकमात्र ऐसा अकाउंट है जिसमें एक लाख दस हजार रूपए जमा होने के बाद वरीय बैंक पदाधिकारी ने सीएसपी केंद्र से ब्यौरा मांगा है। जिले के पूर्णिया पूर्व प्रखंड के रानीपतरा, बेलौरी में अलग अलग बैंकों के सीएसपी हैं। ग्रामीण क्षेत्र के लोग इन्हीं सीएसपी में आकर बैंकिंग सेवा का लाभ लेते हैं। कुछ ऐसे भी अकाउंट सामने आए हैं जिनमें 50,000 से अधिक की राशि की जमा निकासी हुई है। इस वजह से ऐसे अकाउंट को तत्काल ब्लॉक कर दिया गया था।

हालांकि बाद में केवाईसी (नो योर कस्टमर) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन खातों को दोबारा चालू कर दिया गया। जानकारी के अभाव में लोगों ने जन धन खाते में लिमिट से अधिक रूपए जमा कर लिया था जबकि यह सुविधा बैंक द्वारा सिर्फ वैसे खातों को दी गई थी जिन्हें ‘टिनी स्पेशल’ अकाउंट में कंवर्ट किया गया है। बता दें कि विशेष परिस्थिति में ही जनधन खाते को टिनी स्पेशल में कंवर्ट किया जाता है और उसके रेंज को 02 लाख तक डिपॉजिट और 05 लाख रूपए सालाना ट्रांजेक्शन के लिए स्वीकृति दी जाती है। हालांकि यह सुविधा वही सीएसपी दे सकता है जिसे बैंक द्वारा एडवांस्ड सीएसपी का दर्जा प्राप्त है।

सामान्य हुआ सीएसपी का कार्य
सीएसपी के अकाउंट में आई गड़बड़ी को लेकर जब पड़ताल की गई तो अधिकांश सीएसपी में केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। पोखरिया स्थित एसबीआई सीएसपी के संचालक मो शाहनवाज आलम का कहना है कि नोटबंदी के बाद उन्होंने करीब 250 ऐसे मामलों का निष्पादन किया है जिसमें ब्लॉकेज की समस्या थी। अकाउंट ब्लॉक होने के बाद कस्टमर को मोबाइल पर या फिर मौखिक रूप से सूचना देने के बाद केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। हालांकि पोखरिया की शबनम के जनधन अकाउंट में 01 लाख दस हजार रूपए का ट्रांजेक्शन होने के बाद बैंक के वरीय पदाधिकारियों द्वारा तलब किया गया। बाद में अकांउट के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराई गई और मामले का निष्पादन कर लिया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि करीब दस ऐसे अकाउंट थे जिनमें 50 हजार रूपए से अधिक का ट्रांजेक्शन होने के कारण तत्काल ब्लॉक कर दिया गया था लेकिन बाद में केवाईसी और वैरिफिकेशन करने के बाद उक्त खातों को दोबारा चालू कर दिया गया।

जिले में कुल 478 सीएसपी हैं कार्यरत
मिली जानकारी अनुसार जिलेभर में एसबीआई के 230 सीएसपी हैं जबकि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के 62, इलाहाबाद बैंक 07, केनरा बैंक 06, बैंक ऑफ बड़ौदा 10, पीएनबी 08, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया 24, उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक 129, ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स 01, यूको बैंक 01 सीएसपी हैं जहां ग्रामीणों को जमा निकासी के अलावे नए खाते खोलने की सुविधा दी जा रही है। केंद्रों पर स्वाइप मशीनों के सहारे भी ग्रामीणों को कैश क्राइसिस से निजात दिलाने का भरसक प्रयास किया जा रहा है। मो शाहनवाज आलम कहते हैं कि नए खाते खोलने के अलावे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को डेबिट कार्ड भी दिया जा रहा है ताकि उन्हें कैशलेस मुहिम से जोड़ा जा सके। बता दें कि किसानों को कैशलेस मुहिम से जोड़े जाने से उन्हें बगैर कैश के डीजल, खाद और बीज की खरीदारी के अलावे शहरी मार्केटिंग से रूबरू होने का भी मौका मिलेगा।

नहीं होगी कोई परेशानी
जनधन खाते से संबंधित ब्लॉकेज की समस्या को दूर किया जा रहा है। बैंक द्वारा सभी सीएसपी को केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर लेने का निर्देश दिया गया है और अधिकांश मामलों का निष्पादन भी किया जा चुका है।
: राजेंद्र प्रसाद पांडेय, सीएमआरबी एंड एफआई पूर्णिया।

Loading...