बस एक माह में रूट रिले इंटरलॉकिंग सिस्टम से मिलेगी ट्रेनों की सही जानकारी

प्रियांशु आनंद/पूर्णिया

पूर्णिया/बिहार:  एनएफ रेल मंडल कटिहार अंतर्गत कटिहार, सेमापुर, ओल्ड मालदा, रानीनगर के बाद अब पूर्णिया जंक्शन इंक्वायरी व अन्य कार्यालयों के कर्मी ट्रेनों के आगमन व प्रस्थान की गलत जानकारी नहीं दे पाएंगे, न ही उन्हें गलत जानकारी होगी। क्योंकि ट्रेन सिग्नल मेंटेनेंस रजिस्टर की प्रथा पूर्णिया जंक्शन से समाप्त होने जा रही है। अब ट्रेनों के आगमन प्रस्थान की जानकारी रजिस्टर में नहीं बल्कि ऑनलाइन दर्ज होगी। वो भी पूरी तरह से अप टू डेट अवस्था में। आमतौर पर इंटर चेंजिंग प्वाइंट पर ही यह सुविधा दी जाती है और पूर्णिया जंक्शन दो रेल मंडलों के बीच होने के कारण इसे प्रमुखता के साथ इंस्टॉल किए जाने की योजना है। पूर्णिया जंक्शन स्टेशन अधीक्षक मुन्ना कुमार और अन्य अफसरों की बात माने तो पूर्णिया जंक्शन के आरआरआई यानी रूट रिले केंद्र में टीएसआर सिस्टम को हटाने की योजना चल रही है। इसके बदले अब कंप्यूटराइज्ड सिस्टम मसलन रूट रिले इंटरलॉकिंग सिस्टम को इंस्टॉल किया जाएगा। एक माह के अंदर यह सिस्टम पूर्णिया जंक्शन पर काम करने लगेगा। इससे ट्रेनों के आगमन प्रस्थान की सही जानकारी मिलने लगेगी। एनएफ रेल मंडल कटिहार अंतर्गत कटिहार, ओल्ड मालदा जंक्शन, सेमापुर, रानीनगर में इस सुविधा को बहाल कर दिया गया है। जबकि पूर्णिया जंक्शन में इस सुविधा को अपडेट करने की कवायद की जा रही है।

क्या है टीएसआर ?
टीएसआर का पूरा नाम ट्रेन सिग्नल रजिस्टर है। इस रजिस्टर में आरआरआई यानी रूट रिले इंटरलॉकिंग सिस्टम कार्यालय में बैठे कर्मी ट्रेनों को सिग्नल देने व जंक्शन तथा स्टेशन में प्रवेश करने के समय को दर्ज किया जाता है। ऐसे में ट्रेनों के सही आगमन का पता आरआरआई को ही होता है। किसी भी तरह की सिग्नल से संबंधित कोई समस्या भी होती है तो इस टीएसआर में दर्ज किया जाता है। पहले जो आरआरआई के कर्मी रजिस्टर में आगमन व प्रस्थान की टाइमिंग नोट करते थे, अब यह ऑनलाइन फीडिंग करेंगे। जिससे गलत टाईमिंग की फीडिंग नहीं हो पाएगी।

क्या है रूट रिले इंटरलॉकिंग सिस्टम ?
रूट रिले इंटरलॉकिंग सिस्टम व्यस्त स्टेशनों पर इस्तेमाल की जाने वाली प्रणाली है। ट्रेनों के आगमन व प्रस्थान के उच्च संस्करणों को संभालती है। स्टेशन के माध्यम से संपूर्ण मार्ग का चयन किया जाता हैं। सभी अंक व संकेतों को प्राप्त करने या ट्रेनों को प्रेषित करने के लिए एक बार सेट कर दिया जाता है। ताकि इंटर चेंजिंग प्वाइंट पर ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित न हो सके।

पहले यह होती थी परेशानी
ऐसा देखा गया है कि अभी गाड़ी जंक्शन पर आयी भी नहीं है और सूचना दे दी जाती है कि गाड़ी आ गई है। उसी तरह ट्रेन गुजर जाती है और सूचना दी जाती है कि जंक्शन के इस प्लेटफार्म पर ट्रेन खड़ी है। ऐसे में यात्रियों को काफी परेशानी होती है। ऐसा इसलिए हो जाता है कि टीएसआर में ट्रेनों के आगमन प्रस्थान का समय लिखित रूप से भरना होता है अभी होम प्लेटफार्म पर ट्रेन पहुंची भी नहीं होती है कि वहां मौजूद कर्मी टाइम भर देते हैं। जिससे गलत टाईमिंग फीडिंग की समस्या उत्पन्न हो जाती है लेकिन इस सुविधा से अब ऑटोमैटिक टाईमिंग फीडिंग की सुविधा बहाल होगी।

एक माह के अंदर पूर्णिया जंक्शन में मिलेगी यह सुविधा
पूर्णिया जंक्शन के ट्रैफक इंस्पेक्टर संजय कुमार यादव ने कहा रूट रिले इंटरलॉकिंग सिस्टम की जानकारी हमें भी मिली है। पूर्णिया जंक्शन में एक माह के अंदर उपकरण को इंस्टॉल किया जाएगा। इससे पूर्व कर्मियों को ट्रेनिंग भी दी जाएगी। जल्द ही सेटअप तैयार किया जाएगा और सिग्नल व्यवस्था ऑनलाइन हो जाएगी। ट्रेनों के आगमन व प्रस्थान की जानकारी भी अप टू डेट रहेगी।

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