पूर्णिया: 2015 में ही डेडलाइन खत्म हो चुकी है, काम अबतक अधूरा है, सांसद ने लगाई फटकार

नितीश झा/पूर्णिया

पूर्णिया/अमौर/बिहार:  सांसद मौलाना असरारूल हक ने सोमवार को अमौर प्रखंड अंतर्गत एनएच 57 कसबा गेरूवा पथ में रसेली घाट पुल निर्माण कार्य की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान निर्माण कार्य में बरती जा रही शिथिलता पर संवेदक को सांसद ने जमकर फटकार लगाई। इस मौके पर स्थानीय ग्रामीणों ने सांसद से कहा कि इस पुल के निर्माण में संवेदक द्वारा घोर शिथिलता बरती जा रही है और निर्माण कार्य पूर्ण करने की निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के तीन साल बाद भी निर्माण कार्य पूर्ण करने में संवेदक विफल साबित रहा है। 13.25 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले इस पुल का निर्माण कार्य 01 मार्च 2014 को प्रारंभ किया गया था और निर्माण कार्य पूर्ण करने अंतिम तिथि 28 फरवरी 2015 निर्धारित की गई थी। पुल निर्माण का संवेदक इंडियन प्रोग्रेसिव कंसट्रक्शन देवघर है और कार्य एजेंसी कार्यपालक अभियंता ग्रामीण कार्य विभाग कार्य प्रमंडल बायसी, पूर्णिया है।

संवेदक का कार्य संतोषजनक नहीं 
ग्रामीणों ने बताया कि इस संवेदक का कार्य संतोषजनक नहीं हैं और जहां भी निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया है आधे अधूरे कार्य कर निर्माण को लटका कर छोड़ दिया गया है। इसी मार्ग में इसी अवधि में दो अन्य पुल डकैता धार पुल एवं पुलकट्टा धार पुल का भी टेंडर इसी संवेदक द्वारा लिया गया था और इन दोनों पुलों का निर्माण कार्य भी आधा अधूरा छोड़ कर रफूचक्कर हो गया है और निर्माण कार्य विगत तीन साल से अधर में लटका है। इससे पूर्व इसी संवेदक द्वारा अमौर प्रखंड के खाड़ी पुल निर्माण का टेंडर लिया गया था। इस पुल का भी आधा अधूरा निर्माण कर छोड़ दिया गया है। जो विगत छह साल से अधर में लटका हुआ है और क्षेत्र का विकास अवरूद्ध हो रहा है। ग्रामीणों ने इन पुलों के निर्माण कार्य में बरती जा रही लापरवाही व शिथिलता पर संबंधित संवेदक के विरूद्ध ठोस कार्रवाई किए जाने तथा निर्माण कार्य में गतिशीलता लाने की दिशा में ठोस पहल किए जाने का अनुरोध सांसद ने किया है।

तीन साल पहले ही डेडलाइन खत्म हो चुकी है लेकिन अबतक काम अधूरा है

बाढ़, जल जमाव व बालू की कमी के कारण निर्माण कार्य बाधित
ग्रामीणें की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सांसद ने मोबाइल पर संवेदक से संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। पेटीकांट्रैक्टर से पूछने पर कि पुल का निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के अंदर क्यों नहीं पूरा किया है तो पेटीकंट्रैक्टर ने बताया कि बाढ़ व जलजमाव के कारण निर्धारित समय सीमा के अंदर निर्माण कार्य पूर्ण किया जाना संभव नहीं हो सका है। बाढ़ के बाद लाल बालू नहीं मिल रहा है। जिस कारण कार्य बाधित हो रहा है। संवेदक द्वारा जगह जगह लाल बालू की तलाश की जा रही है। उपलब्ध होने पर तीव्र गति से निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।

ब्लैक लिस्टेट किया गया है संवेदक
सांसद ने रसेली घाट, डकैता धार, पुलकट्टा धार एवं खाड़ी पुल निर्माण में संवेदक द्वारा बरती जा रही लापरवाही एवं शिथिलता पर कार्य एजेंसी ग्रामीण कार्य विभाग कार्य प्रमंडल बायसी के कार्यपालक अभियंता हृदयानंद महतो से भी पूछताछ की। कार्यपालक अभियंता ने कहा कि हाल ही में पूर्णिया में मुख्यमंत्री की समीक्षात्मक बैठक में उन्होंने रसेली घाट, डकैता धार, पुलकट्टा धार एवं खाड़ी पुल के संवेदक इंडियन प्रोग्रेसिव कंस्ट्रक्शन देवघर द्वारा निर्माण कार्य में बरती जा रही लापरवाही एवं शिथिलता से मुख्यमंत्री को अवगत कराया था। कई बार निर्माण कार्य पूरा करने संबंधी नोटिस भी जारी किया गया है। इसके बावजूद संवेदक द्वारा निर्माण कार्य पूरा नहीं किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने संवेदक इंडियन प्रोग्रेसिव कंस्ट्रक्शन का एग्रीमेंट रद्द कर उन्हें ब्लैक लिस्टेड किए जाने की कार्रवाई किए जाने तथा अंतिम नापी कर योजना का नए सिरे से डीपीआर तैयार करने तथा टेंडर निकाल कर योजना को पूरा करने का निर्देश दिया है जिस पर अमल शुरू हो गया है।

हर हाल में होगा सभी पुलों का निर्माण
सांसद ने ग्रामीणों को भरोसा दिया कि हर हाल में सभी पुलों का निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा। निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने वाले संबंधित संवेदक के विरूद्ध विभागीय कार्रवाई हो चुकी है। इन लंबित पुलों की नए सिरे से तकनीकी प्रक्रिया पूरी कर शीघ्र निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा। इस मौके पर मुखिया गुलाम अजहर, सांसद प्रतिनिधि एहरार आलम, मास्टर नजीर, तक्सीर आलम, शहाबुज्जमा उर्फ लड्डू, मो तसलीम, हाजी जैनुल ताबीस नैयर, सादिक हुसैन, अहंकार, सजाउद्दीन, अब्दुल रज्जाक समेत भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे।

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