पूर्णिया: JDU नेता की गुंडागर्दी के खिलाफ जिले के सभी BDO हड़ताल पर रहे

प्रियांशु आनंद/पुर्णिया
पुर्णिया/बिहार:  प्रखंड विकास पदाधिकारी के हड़ताल पर चले जाने से प्रखंड स्तर पर चल रहे कार्य में भगदड़ मच गया है। सभी जगहों का सारा काम ठप पड़ गया है। बता दें कि 12 मार्च को सीवान में बीडीओ को जदयू के महासचिव द्वारा मारपीट करने से सभी बीडीओ द्वारा कहा गया क़ि सुरक्षा खतरे में है। जबतक सरकार द्वारा हमलोगों को सुरक्षा मुहैया नहीं कराया जाता है और जबतक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की जाती है तबतक हमलोग हड़ताल पर रहेंगे।
केनगर
बीडीओ के नहीं रहने के कारण पंचायत समिति सदस्य मो. मुमताज आलम ने बताया कि बीडीओ से मिलना अत्यंत जरुरी था। लेकिन जब प्रखंड कार्यालय पहुंचे तो पता चला कि वे हड़ताल पर हैं और जिला गए हैं। इसलिए मेरे पंचायत से संबंधित प्रधानमंत्री आवास योजना का कार्य नहीं हो रहा है। काझा निवासी अंजू देवी जो कि विधवा पेंशन योजना की राशि खाते में नहीं आने को लेकर बीडीओ से बात करने आई थी लेकिन बीडीओ के नहीं रहने के कारण उन्हें भी निराश होकर लौटना पड़ा। कितने ही लोग रोज काम से आते है लेकिन पता चला कि वे हड़ताल पर हैं और उन्हें बैरंग लौटना पड़ता है।
पूर्णिया पूर्व
 प्रखंड से संबंधित सारे कार्य बाधित रहे। हालांकि सभी कर्मचारी अपने अपने कार्य में लगे हुए थे। वहीं अंचलाधिकारी भी अंचल कार्यालय में देखे गए। लेकिन बीडीओ के न होने पर लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
बनमनखी
फाइलों पर साहब के हस्ताक्षर नहीं हो पाने के कारण कार्य पेंडिंग में चला गया। जन्म- मृत्यु प्रमाण पत्र लेनेवालों को भी खाली हाथ लौटना पड़ा। जिससे दो दर्जन से ऊपर लोगों को खाली हाथ लौटना पर रहा है। सबसे अधिक प्रधानमंत्री आवास योजना एवं इंदिरा आवास योजना पर पड़ा।
धमदाहा
प्रखंड कार्यालय के सभी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। धमदाहा प्रखंड में बीडीओ रविरंजन हड़ताल पर रहे और प्रखंड कार्यालय के सभी कार्य स्थगित रहे। दूरदराज ग्रामीण इलाकों से आए लोगों को बैरंग ही लौटना पड़ा।
रुपौली
इंदिरा आवास की जानकारी लेने पहुंचे जगदीश मंडल, मुन्ना राम, प्रमोद यादव को बैरंग लौटना पड़ा। जिस कारण प्रखंड कार्यालय में वीरानगी दिखी। हालांकि प्रखंड के तमाम कर्मी अपने अपने कार्य में लगे रहे लेकिन लोगों की भीड़ भी प्रखंड विकास पदाधिकारी के चैंबर बंद होने के कारण लौट गई।
सबसे ज्यादा ठप कार्य
सबसे अधिक प्रधानमंत्री आवास योजना एवं इंदिरा आवास योजना पर पड़ा। आवास संबंधी इन दो योजनाओं की रोजाना समीक्षा नहीं हो सकी। जिससे गृह निर्माण की गति में शिथिलता आने की पूरी संभावना बन गई है। खास 31 मार्च तक इंदिरा आवास योजना के सारे मामलों को निबटाने पर फिलहाल ग्रहण लगने की आशंका बलवती होने लगी है।
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