पूर्णिया: अब गांवों में होगा कृषि यंत्रों का बैंक, खरीदें उपकरण और करें खेती

कुमार गौरव/पूर्णिया
पूर्णिया/बिहार:  पंजाब और हरियाणा की तरह अब जिले के गांवों में किसानों के लिए कृषि यंत्र बैंक खुलेगा। इस बैंक में नए तरीके से खेती करने के लिए आधुनिक औजार और उपकरण उपलब्ध हो सकेगा। ऐसे में उपकरणों की समस्या झेल रहे किसानों को राहत मिलेगी। वे इस बैंक से जरूरी उपकरण लेकर अच्छी खेती कर सकेंगे। इससे पैदावार भी अधिक होगी। किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार भी होगा। राज्य सरकार ने कृषि को बढ़ावा देने के लिए हर पंचायत में कृषि यंत्र बैंक खोलने का निर्णय लिया है।
इसको लेकर सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश भी जारी किया है। प्रत्येक कृषि यंत्र बैंक के लिए 10 लाख रुपए का बजट दिया गया है। जिला में कृषि यंत्र बैंक खोलने के लिए फिलहाल कृषि विभाग ने 18 लाख रूपए का फंड दिया है जबकि यह फंड पिछले वर्ष का ही है और इस वर्ष का आवंटन होने के बाद फंड में बढ़ोत्तरी भी की जा सकती है। विभागीय अधिकारी का कहना है कि आवेदन करने वाले को तुरंत बैंक खोलने की अनुमति मिल जाएगी। कृषि यंत्र बैंक का संचालन किसान समूह के हाथों होगा। किसानों को मामूली शुल्क पर उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
खरीदारी पर कृषक समूह को मिलेगा 40 फीसदी तक अनुदान
कृषि यंत्र बैक के लिए खरीदारी की जाने वाले कृषि यंत्रों पर 40 फीसदी अनुदान का प्रावधान किया गया है। यानी किसानों की जरूरत के लिए खरीदे जाने वाले कृषि यंत्र पर किसान समूह का मात्र 60 प्रतिशत ही निवेश होगा। इस बैंक में किसान समूह खेती की जरूरतों वाले लगभग सभी यंत्रों की खरीदारी कर रखेंगे। खेत की जुताई के लिए ट्रैक्टर, सिंचाई के लिए पंपिंग सेट, गेंहूं की दौनी के लिए थ्रेसर, बुआई कटाई, कीटनाशक छिड़काव मशीन सहित हर प्रकार के आवश्यक यंत्र रखे जाएंगे।
कृषक समूहों की बढ़ेगी आमद
खेती के लिए सस्ते दर पर उपकरण मिल जाएंगे। इससे किसान समूह की आमद में इजाफा होगा और कृषकों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। पंजाब और हरियाणा की तरह यहां की खेतों में हरियाली दिखेगी। किसान समूह के अलावा किसान भी अपना निबंधन करा कृषि यंत्र बैंक खोल सकते हैं। इन बैंकों के लिए खरीदे जाने वाले उपकरणों और औजारों को पांच साल तक नहीं बेचा जा सकता है। पांच साल तक किसानों के काम में उसका उपयोग करना है। ताकि खेती को बढ़ावा मिल सके।
सराहनीय है सरकार की योजना
जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने वाले संजय बनर्जी और नाबार्ड से पुरस्कृत किसान सुरेंद्र यादव कहते हैं कि सरकार की यह योजना काफी अच्छी है। कृषि यंत्रों की उपलब्धता रहने पर कृषि अच्छी होगी। जिले के किसानों को भी पंजाब और हरियाणा जैसे खेती संपन्न राज्यों की तरह सुविधा गांवों में ही मिलेगी। उन्होंने कहा कि उम्मीद है इस योजना का लाभ सूबे के सभी किसानों को मिलेगा और बिहार राज्य कृषि के क्षेत्र में पंजाब व हरियाणा की तरह विकसित प्रदेशों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए फिलहाल प्रचार प्रसार की जरूरत है।
10 व 25 लाख रूपए का तैयार होगा बजट
पूर्णिया के जिला कृषि पदाधिकारी सुरेंद्न प्रसाद ने बताया कि कृषि कार्य को बढ़ावा देने के लिए सभी पंचायतों में कृषि यंत्र बैंक खोला जाएगा। बैंक खोलने के लिए 10 लाख व 25 लाख रूपए के बजट का प्रावधान किया गया है। उस पर 40 प्रतिशत अनुदान राशि किसान समूह को दी जाएगी। किसान समूह एवं निबंधित किसान इस वित्तीय वर्ष की समाप्ति के पूर्व कृषि यंत्र बैंक के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए 10 मार्च को जिला समाहरणालय में बैठक भी की जाएगी।
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