पूर्णिया: एडिलेड यूनिवर्सिटी के कृषि वैज्ञानिक भारतीय खेत में पहुंचे

नितीश झा/पूर्णिया

पूर्णिया/बिहार:  भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय मक्का एवं गेहूं अनुसंधान केंद्र, मैक्सिको के द्वारा वित्त पोषित अंतरराष्ट्रीय शोध परियोजना पूर्वी गांगेय क्षेत्र में टिकाउ एवं अनुकूल कृषि प्रणाली की गहनता के अध्ययन (एसआरएफएसआई) अंतर्गत परियोजना से जुड़े एेडिलेड विश्वविद्यालय आॅस्ट्रेलिया के वैज्ञानिक डाॅ एडम लोच द्वारा भ्रमण तथा संरक्षित खेती प्रणाली प्रौद्योगिकी विषय पर चर्चा  की गई।

इस मौके पर डाॅ एडम लोच का कृषि महाविद्यालय में प्राचार्य डाॅ राजेश कुमार प्रचार्य द्वारा परंपरागत तरीके से स्वागत किया गया। डाॅ लोच द्वारा महाविद्यालय एवं किसानों के खेत पर एसआरएफएसआई परियोजना के अंतर्गत विकसित किए गए इनोवेशन प्लेटफार्म, कस्टम हाइरिंग सेंटर का भ्रमण किया गया। साथ ही परियोजना के अंतर्गत कृषक हितकारी कार्यक्रमों की सराहना की गई। प्राचार्य ने एसआरएफएसआई परियोजना के बारे में बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य समृद्ध कृषि एवं समर्थ किसान के स्लोगन पर कार्य करना है। उन्होंने बताया कि कृषि को समृद्ध किए बगैर किसानों को समर्थ नहीं बनाया जा सकता है।

उन्होंने किसान को अपने खेत एवं खेती की निजी समस्या का समाधान एसआरएफएसआई परियोजना के अंतर्गत देहात टोल फ्री नंबर 1800 270 1420 पर फोन करके प्राप्त कर सकते हैं। वैज्ञानिकों एवं किसानों के साथ चर्चा में यह बाते सामने आई कि वर्तमान कृषि में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए किसानों को फसल लगाने से पूर्व मिट्टी की जांच कराएं तथा अच्छे बीज अच्छी गुणवत्ता की खाद अच्छी जैविक खाद गुणवत्तापूर्ण उर्वरक तथा समय समय पर वैज्ञानिकों से तकनीकी सलाह प्राप्त करना चाहिए।

इस मौके पर वैज्ञानिकों ने महाविद्यालय परिसर में वैज्ञानिकों, छात्र छात्राओं के साथ खेती प्रणाली प्रौद्योगिकी की गहनता पर चर्चा की। एेडिलेड विवि आॅस्ट्रेलिया के वैज्ञानिक डाॅ एडम लोच द्वारा उनकी संस्था सेंटर फाॅर ग्लोबल फूड एंड रिर्सोसेस की विभिन्न गतिविधियों की चर्चा पर प्रजेंटेशन दिया गया। इसके बाद महाविद्यालय के उपस्थित वैज्ञानिकों एवं छात्र छात्राओं द्वारा प्रजेंटेशन से संबंधित प्रश्न पूछे गए। कृषि स्नातक छात्रों में शिवांगी गुप्ता तथा मयंक कुमार सिन्हा, शशिरंजन एवं अभिनव ने अपनी अपनी जिज्ञासा ऑस्ट्रेलियन वैज्ञानिक के बीच रखी। इसके पूर्व डाॅ एडम लोच द्वारा बिहार कृषि विवि सबौर से संबद्ध कृषि महाविद्यालय पूर्णिया के द्वारा जिले के प्रखंडों का भी भ्रमण किया गया। जिसमें ग्राम कठैली (जलालगढ़), दोगच्छी (कसबा), दनसार, डिहिया, पुरानी गरैल में शून्य कर्षण (जीरो टीलेज मशीन) विधि के द्वारा अलग अलग मौसम में धान, गेहूं, मक्का एवं दलहनी फसलों की खेती की जाती है। इसके अंतर्गत अन्तवर्ती फसलों में लाफा साग, धनिया की भी खेती की जाती है।

उनके द्वारा चयनित कृषकों के खेत पर अनुसंधान तथा अन्य कृषकों एवं आसपास के ग्रामों में जीरो टीलेज मशीन के द्वारा खेती का प्रसार भी किया जाता है। परियोजना के अंतर्गत कृषकों के उत्थान के लिए प्रत्येक गांव में एक इनोवेशन प्लेटफार्म की स्थापना की गई है। जिसके अंतर्गत बीज से बाजार तक की सारी सुविधाए यथा बीज, खाद, कृषि यंत्र ग्राम में ही उपलब्ध कराई जाती है तथा कृषकों को बाजार में उचित मूल्य प्राप्त हो इसके लिए किए गए सफल प्रयास की भी सराहना की। परियोजना का क्रियान्वयन बिहार कृषि विवि, सबौर, जीविका पूर्णिया एवं फार्म एंड फार्मर्स के समन्वय में चलाई जा रही है।

इस उद्धेश्य की प्राप्ति के लिए जीविका, पूर्णिया के सानिध्य में अरण्यक फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी तथा फार्म एंड फार्मर्स द्वारा देहात माॅडल चलाई जा रही है। जिससे कृषकों को उचित बाजार मूल्य, सही वजन तथा अतिरिक्त बोनस प्राप्त हो रही है। विदेशी दल के ग्राम भ्रमण एवं कार्यक्रम अवलोकन में एसआरएफएसआई परियोजना के सह अन्वेषक डाॅ रणवीर कुमार ने बताया कि एसआरएफएसआई परियोजना के अंतर्गत किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद बीज एवं उन्नत तकनीक उपलब्ध कराई जाती है। जिससे जिले के विभिन्न प्रखंडों जलालगढ़, कसबा, श्रीनगर, धमदाहा तथा रूपौली के 125 किसान लाभान्वित हो रहे हैं।

परियोजना के सह अन्वेषक डाॅ रणवीर कुमार, अनुसंधान सहायक पवन कुमार श्रीवास्तव एवं श्रवण कुमार ने डाॅ एडम लोच के साथ किसानों के प्रक्षेत्र पर भ्रमण किया। साथ ही उपनिदेशक उद्यान पूर्णिया उपेंद्र कुमार, मुख्य प्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक पूर्णिया तथा मां काली महिंद्रा ट्रैक्टर एजेंसी का भ्रमण कर किसानों को प्रदान की जाने वाली सरकारी सहायता एवं अन्य लाभ के बारे में चर्चा की। महाविद्यालय में भ्रमण एवं परिचर्चा के अवसर पर अन्य वैज्ञानिक डॉ पारसनाथ, डाॅ जेएन श्रीवास्तव, सुमन कल्याणी, डाॅ पंकज कुमार यादव, ई. मोहन कुमार सिन्हा, उमेश कुमार, नवीन लकड़ा ने अपना सहयोग प्रदान किया। इस मौके पर छात्रों में धन सिंह, मयंक कुमार सिन्हा, मृणाल कुमार, शशिरंजन, गौरव कुमार, प्रकाश एवं छात्राओं में ज्योत्सना, जागृति, श्रेया सिंह, राधिका, शिवांगी ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

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