पूर्णिया: बायसी में फर्जी राशन कार्ड धारियों पर कसेगी नकेल

प्रियांशु आनंद/पूर्णिया

पूर्णिया/बायसी/बिहार:  शहर से लेकर गांव की जनवितरण दुकानें अब पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल्फ) मशीन से लैस होगी। दरअसल लंबे समय से कार्डधारियों को आवंटन के अनुरूप कम अनाज देने को लेकर जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को शिकायतें मिलती रही हैं। इसके समाधान के लिए बिहार सरकार ने सभी जनवितरण प्रणाली दुकानों में पीओएस मशीन लगाने की कवायद तेज कर दी है। इससे लाभुकों के साथ किसी प्रकार की गड़बड़ी पर अंकुश लगेगी। इसके लिए अनुमंडल पदाधिकारी और प्रखंड के आपूर्ति पदाधिकारी को निर्देश मिला है। करीब दो महीने के अंदर सरकारी राशन दुकानों पर यह मशीनें लग जाएंगी।

रेट और वेट में नहीं होगा अंतर
जनवितरण प्रणाली की दुकानों में पीओएस मशीन लगाने से पहले सभी लाभुकों के कार्ड को आधार से जोड़ने का कार्य किया जा चुका है। इसलिए वेट और रेट में अंतर जैसी समस्या से लाभुकों को निजात मिलेगी। इसके साथ ही लाभुकों के खाते में रूपए कटेंगे और वेट सही रहने पर ही मशीन का ग्रीन सिग्नल जलेगा।

बता दें कि बायसी अनुमंडल बायसी, बैसा, अमौर, डगरूआ प्रखंड में 272  जनवितरण प्रणाली के दुकानें संचालित हैै। जबकि ग्रामीण क्षेत्र में 01 लाख 57 हजार और शहरी क्षेत्र में तीन हजार लाभुक हैं। कई लाभुकों को पाॅश मशीन पर भी संदेह जताया है। लाभुकों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र में अब भी सैकड़ों लोग जागरूकता के अभाव में दोहन का शिकार हो रहे हैं। मशीन लगाने के बाद भी लाभुकों की समस्या का पूरी तरह समाधान नहीं हो पाएगा। जानकारों ने कहा कि जिन प्रदेशों में यह व्यवस्था पहले से लागू है वहां कुछ दिक्कतें सामनें आई हैं।

खाद्य लाभुकों में मनोज राय, मो सादाब आलम, मो सद्दाम अंसारी, मो मोहसिन अंसारी, नसीहत परवीन, नूरशीदा खातून का कहना है कि गरीब लोगों के प्रति सरकार ने जो कदम उठाया वह सही है। लेकिन वजन के साथ गरीबों को मिलने वाले गुणवत्ता पूर्ण खाद्यान्न में सुधार के लिए भी कोई योजना बननी चाहिए। ताकि गरीबों को मिलने वाले अनाज का लाभुक शत प्रतिशत उपयोग कर सके। क्योंकि कई बार खराब खाद्यान्न मिलने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
अनुमंडल पदाधिकारी सावन कुमार ने पीओएस मशीन लगाने की दिशा में कवायद तेज होने की बात कही है। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल जिले में पीओएस मशीन आने में लगभग एक महीने का समय लगेगा। लेकिन मशीन लगने से वेट और रेट का अंतर की शिकायत पर भी लगाम लगेगी।

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