…और अब डिजीलॉकर एप से सुरक्षित रहेगा ड्राइविंग लाइसेंस व आरसी 

कुमार गौरव/पूर्णिया
पूर्णिया/बिहार: परिवहन विभाग की नई पहल रंग ला रही है। आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय नई दिल्ली ने डिजीलॉकर एप को लांच किया है। इस एप के माध्यम से आम नागरिकों के द्वारा अपने ड्राइविंग लाइसेंस व आरसी को आवश्यकतानुसार सुरक्षित रखे जाने व उसके उपयोग के लिए निर्णय लिया जाना आसान हो गया है।

इससे आम नागरिों को समय की बचत के साथ प्रासंगिक अभिलेखों की प्रमाणिकता सुनश्चित होगी व अनावश्यक परेशानी को कम करना अासान हो जाएगा। इस व्यवस्था के अंतर्गत अब नागरिकों को चालक अनुज्ञप्ति व वाहन निबंधन प्रमाण पत्र को भौतिक रूप से साथ लेकर चलने की अावश्यकता नहीं होगी। इसके विकल्प के तौर पर उनके द्वारा मोबाइल फोन के डिजीलॉकर एप के अंतर्गत उपलब्ध अभिलेखों की इलेक्ट्रॉनिक प्रति का उपयोग आवश्यकतानुसार किया जा सकेगा। ठीक उसी तरह जिस तरह रेलयात्री ऑनलाइन बुक हुए टिकट को टीटीई को अपने मोबाइल से दिखाकर यात्रा करते हैं।

…नेशनल रजिस्टर से है इंटीग्रेट : 

केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की अधिसूचना संख्या जीएसआर 711 ई के माध्यम से एक डिजीलॉकर प्राधिकार का गठन किया गया है। जिसके तहत विकसित डिजीटल प्लेटफॉर्म के अंतर्गत मूल रूप से निर्गत प्रमाण पत्र व अन्य अभिलेखों का इलेक्ट्रॉनिक स्वरूप संग्रहित किया गया है। इसे नागरिकों के आधार नंबर के माध्यम से इस्तेमाल किया जा सकता है। इस डिजीटल प्लेटफॉर्म के अंतर्गत वर्तमान में नागरिकों को निर्गत चालक अनुज्ञप्ति मसलन डीएल व वाहन निबंधन प्रमाण पत्र यानी आरसी की सुविधा उपलब्ध है जो सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के द्वारा नेशनल रजिस्टर से इंटीग्रेटेड है। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2008 के अंतर्गत डिजीलॉकर में उपलब्ध ये अभिलेख व प्रमाण पत्र मूल अभिलेख और प्रमाण पत्र के समरूप समझा जाएगा। बशर्ते कि वह लिंक आधारित या डाटाबेस से निर्गत प्राधिकार द्वारा निर्गत हो यानी यह व्यवस्था मात्र सरकारी तौर पर जारी किए गए अभिलेखों पर ही मान्य होगी न कि अपलोडेड डॉक्यूमेंट पर।

बता दें कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय व इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा विकसित डिजीलॉकर के साथ संबद्ध है। जिससे नागरिक अपना डीएल व अारसी अपने आधार नंबर के माध्यम से डाउनलोड कर उपयोग कर सकते हैं।

…क्या है डिजीलॉकर एप की लांचिंग का उद्देश्य : 

– नागरिकों का डीएल व आरसी इलेक्ट्रॉनिक मोड में सुरक्षित रखना

– स्थल पर यातायात चालान निर्गमन के समय प्रदर्शित करना

– नागरिकों को सूचना प्रौद्योगिकी आधारित सेवा की सुविधा उपलब्ध कराना

…डिजीलॉकर एप को कैसे लाएं इस्तेमाल में :

– इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के द्वारा विकसित डिजीलॉकर एप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है जिसे डाउनलोड किया जा सकता है

– यूजर नेम व पासवर्ड बनाए जाने के लिए मोबाइल नंबर को अपने आधार नंबर से लिंक करना होगा व वन टाइम पासवर्ड के इस्तेमाल से यूजर नेम व पासवर्ड बनाया जा सकता है

– डिजीलॉकर एप के लिए बनाए गए यूजर नेम व पासवर्ड के माध्यम से एप में लॉग इन किया जाएगा

– डिजीलॉकर एप के अंतर्गत डॉक्यूमेंट सेक्शन का चयन करते हुए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय सहभागी नाम का चयन किया जाएगा

– डीएल एवं आरसी को डॉक्यूमेंट सेक्शन से पूर्ण विवरणी अंकित करते हुए डाउनलोड किया जाएगा जो इश्यूड डॉक्यूमेंट सेक्शन के अंतर्गत सुरक्षित होगा और उसे कहीं भी आॅनलाइन देखा जा सकता है। बता दें कि यह सुविधा सिर्फ डिजीलॉकर एप में इश्यूड डॉक्यूमेंट के लिए मान्य होगी अपलाडेड डॉक्यूमेंट्स के लिए मान्य नहीं होगी।

…बेहद उपयोगी एप है : 

डिजीलॉकर एप के माध्यम से अब वाहन के कागजात व डीएल को सुरक्षित रखना आसान हो गया है। इसे डाउनलोड कर लोग इस्तेमाल में जरूर लाएं ताकि ऑनलाइन कहीं भी और किसी भी वक्त इसका इस्तेमाल हो सके। अब हमें साथ में डीएल या फिर आरसी रखने की कोई जरूरत नहीं होगी। बस इस एप को अपलोड कर इसमें सारे डॉक्यूमेंट को सुरक्षित रखकर चेकिंग के दौरान दिखा सकते हैं।

: विकास कुमार, डीटीओ, पूर्णिया।

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