पूर्णिया: रखरखाव के अभाव में खतरे में नहर का स्तित्व, दफ्तर से कर्मचारी गायब

प्रियांशु आनंद/पूर्णिया

पूर्णिया/बिहार:  धमदाहा अनुमंडल क्षेत्र में अमूमन सभी जगहों पर नहरों की स्थिति खतरे में है। रखरखाव के अभाव में नहर का अस्तित्व विलुप्त होने के कगार पर है। धीरे धीरे नहर जहां अपने वजूद को तलाश रही हैं तो नहर का अस्तित्व इसलिए खतरे में है क्योंकि तकरीबन सभी नहरों की हालत एक जैसी है। धीरे धीरे लोगों ने नहर को अतिक्रमित करना शुरू कर दिया है और नहर किनारे झुग्गी झोपड़ी तक बना लिए हैं।

इतना ही नहीं नहर के मेड़ पर यत्र तत्र बड़ी संख्या में गड्‌ढ़ा कर दिया गया है और अवैध रूप से मिट्‌टी की कटाई किए जाने के कारण स्थिति और भी विषम होती जा रही है। बीते कई वर्षों से नहर सिर्फ बाढ़ के समय ही अपने अस्तित्व को बरकरार रख पा रही है। कभी किसानों की खुशहाली का द्योतक रही नहर आज बूंद भर पानी के लिए तरस रही है और मृतप्राय हो चुकी है। हालांकि सिंचाई विभाग में नहरों की स्थिति में सुधार लाने के लिए कागजी प्रक्रिया किए जाने की बात तो कही जाती है लेकिन वर्तमान स्थिति ठीक इसके उलट है।

कार्यालय से कर्मचारी गायब

धमदाहा में सिंचाई विभाग अवर प्रमंडल कार्यालय कार्यरत है लेकिन विडंबना ही कहेंगे कि कार्यालय तो प्रतिदिन खुलते हैं पर कर्मियों का कोई अता पता नहीं रहता है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक धमदाहा सिंचाई विभाग अवर प्रमंडल में एक अभियंता, एक अवर प्रमंडल पदाधिकारी, एक लिपिक, एक तहसीलदार, तीन परिचारी एवं पांच फील्ड कर्मी कार्यरत हैं। लेकिन एक परिचारी चंद्रकला देवी के भरोसे समूचे कार्यालय का जिम्मा रहता है। जिन्हें किसी प्रकार की कोई जानकारी नहीं रहती है जबकि अन्य कार्यरत कर्मी परिचारी फतुमा खातून, शिवचरण ऋषि, लिपिक धर्मेंद्र कार्यालय से अक्सर गायब ही रहते हैं।

हालांकि लिपिक से संपर्क स्थापित होने पर उन्होंने छुट्टी पर होने की बात कही तो वहीं तहसीलदार भी छुट्टी पर होने की बात बताई। इस संंबंध में विभाग के पदाधिकारी विनोद कुमार से संपर्क स्थापित करने पर उन्होंने बताया कि कार्यालय में कार्यरत सभी कर्मियों को प्रतिदिन कार्यालय में मौजूद रहना आवश्यक है तथा उन्होंने किसी भी कर्मियों के छुट्टी पर होने की बात को सिरे से नकार दिया।bihar

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