पूर्णिया: कृमि दिवस पर डीएम ने छात्रा को दिये दो चॉकलेट, वजह काफी दिलचस्प है

 प्रियांशु आनंद/पूर्णिया

पूर्णिया/ बिहार:  राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के मौके पर जिलाधिकारी प्रदीप कुमार झा ने शनिवार को पूर्णिया पूर्व प्रखंड अंतर्गत आने वाले आदर्श मध्य विद्यालय बेलौरी में पहुंचकर इसका विधिवत उद्घाटन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाध्यापक नरेश चंद्र विश्वास ने की। इस मौके पर जिलाधिकारी ने आदर्श मध्य विद्यालय बेलौरी और अनचित साह उच्च विद्यालय बेलौरी के छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे देश में 90 प्रतिशत बीमारियां गंदगी के कारण होती है। इसी गंदगी के कारण आंत में कीड़ा लगने की संभावना बनी रहती है।

यह गंदगी मुख्य रूप से खुले में शौच करना, हाथों का नाखून नहीं काटना, खाने से पहले और शौच के बाद हाथ साबुन से नहीं धोना, भोजन को ढककर नहीं रखना और जूता आदि नहीं पहने से होता है। उन्होंने बताया कि इस बीमारी की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य नियम का पालन करना जरूरी है। जिसमें सरकार द्वारा स्वास्थ्य विभाग को कृमिनाशक दवा एल्बेंडाजोल उपलब्ध कराती है ताकि इसके दुष्प्रभाव को रोका जा सके। कार्यक्रम के दौरान डीएम ने कहा कि बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास के लिए स्वस्थ होना अनिवार्य है और बच्चे को स्वस्थ रहने के लिए ही सरकार ने कृमिनाशक खुराक खिलाने को ले यह कार्यक्रम आयोजित किया है। उन्होंने विद्यालय के बच्चों को पढ़ाई पर ध्यान देने और स्वस्थ रहने की सलाह भी दी।

इस दौरान जिलाधिकारी ने सभी बच्चों को एल्बेन्डाजोल की गोली खिलाई और पूछा कि किनके किनके घर में शौचालय नहीं है। तो वर्ग 6 की छात्रा ज्योति कुमारी ने बताया कि उनके घर में शौचालय नहीं है। इस पर जिलाधिकारी ने उनका घर पूछा तो छात्रा ने गोढ़ी टोला में अपना घर होने की बात बताई। इस पर डीएम ने उन्हें दो चॉकलेट देते हुए कहा कि यह एक तुम खाना और एक अपने पिताजी को दे देना और कहना कि शौचालय बनवाइए। इसके लिए सरकार द्वारा प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। साथ ही डीएम ने इससे जुड़े पदाधिकारी को शौचालय बनाने के लिए ध्यान देने के लिए कहा।

वहीं वर्ग सातवीं कि छात्रा शालू कुमारी से विद्यालय में बनने वाले मध्याहन भोजन में किस दिन क्या क्या खिलाया जाता है की जानकारी ली। जिस पर छात्रा ने सातों दिनों के मध्यान भोजन का मीनू को बताया। सिविल सर्जन डॉ एमएम वसीम ने बताया कि पेट में कृमि हो जाने से वे जो पौष्टिक आहार लेते हैं वह कृमि भी अवशोषित कर लेता है जिससे हमारे शरीर का उचित विकास नहीं हो पाता और निमोनिया के शिकार हो जाते हैं। इसीलिए साफ सफाई और प्रत्येक वर्ष एल्बेंडाजोल की गोली लेने की सलाह दी। बता दें कि इसके उद्घाटन के बाद यह कृमिनाशक दवा एल्बेंडाजोल की गोली सभी विद्यालयों के पोषक क्षेत्रों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध कराई गई है।

14 लाख बच्चों को दी जाएगी खुराक
वहीं सीएस डॉ एमएम वसीम ने कहा कि कृमि मुक्ति दिवस को लेकर 14 लाख बच्चों को कृमि की दवा दी गई। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के सभी पदाधिकारी व स्वास्थ्य कर्मी लगे हुए हैं। इस अभियान में 2905 आंगनबाड़ी केंद्र तथा जिले के सभी प्राथमिक, मध्य, उच्च विद्यालय तथा पंजीकृत निजी विद्यालय के बच्चों को की खुराक दी गई। उन्होंने बताया कि 14 लाख बच्चे में विद्यालयों के 7 लाख 97 हजार व आंगनबाड़ी केंद्र के 6 लाख 40 हजार बच्चे शामिल हैं। इस कार्यक्रम के तहत 1 से 19 वर्ष तक के सभी बच्चे को एक खुराक दी जाएगी। जिसमें 1 से 2 वर्ष के बच्चे को आधी गोली तथा 2 से 19 वर्ष के बच्चे को पूरी गोली की खुराक दी जाएगी।

वहीं जो भी बच्चे आज छूट जाएंगे उसे 20 फरवरी को खुराक दी जाएगी। उन्होंने बताया कि अगर कोई बच्चा गलती से दो बार खा भी लेता है तो इसमें कोई भी हानि नहीं होगी। इस मौके पर जिला शिक्षा पदाधिकारी मिथिलेश कुमार, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सतीश कुमार झा, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ उपेंद्र तिवारी, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (स्वास्थ्य) ब्रजेश कुमार सिंह, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी नंदन कुमार, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ टीसी प्रसाद, सीडीपीओ सरिता कुमारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी राजेंद्र प्रसाद साह (शहरी), प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मजहर सउद (ग्रामीण) बीसीएम कंचन कुमारी, रोगी कल्याण समिति सदस्य दीपक कुमार यादव, एएनएम मंजू कुमारी, एसएमओ डॉ रश्मि, प्रखंड साधनसेवी भोला प्रसाद, रतन कुमार, संकुल समन्वयक संजीव कुमार वर्मा, सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी उज्जवल कुमार सरकार, अंचित साह उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक हाफिज अनवर, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन राजकुमार, विद्यालय प्रधानाध्यापक नरेश चंद्र विश्वास सहित सभी शिक्षक, शिक्षिकाओं के साथ साथ सैकड़ों की संख्या में छात्र छात्राएं मौजूद थे।

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