पूर्णिया:जुलाई में भी बारिश नहीं होने से किसान परेशान, सता रही खेती की चिन्ता

प्रियांशु आनंद/पूर्णिया
पूर्णिया/बिहार: प्रखंड क्षेत्र के किसानों की हालत बदतर हो गई है। इस बार मॉनसून जुलाई में आने के बाद भी बारिश नहीं होने के चलते किसान परेशान है। किसानों द्वारा धान की खेती इस क्षेत्र में वृहत पैमाने पर की जाती है। इस क्षेत्र के हजारों एकड़ की जमीन पर धान की खेती की जाती है। अभी तक बारिश नहीं होने से किसानों के समझ में कुछ नहीं आ रहा है कि अब क्या करें।

केनगर के किसान अजाउर रहमान उर्फ पप्पू भाई, निरज कुमार, कुमोद यादव, कुन्दन कुमार आदि ने बताया कि जिस तरह मंहगाई बढ़ी है उससे पटवन कर धान की रोपनी करना मुश्किल है। डीजल की बढ़ती कीमत के कारण पंपिग सेट से पटवन करना बहुत महंगा पड़ेगा। इस बार मकई में भी उचित मूल्य नहीं मिलने से किसानों को अपना घर चलाना मुश्किल हो रहा है। बारिश नहीं होने से मानो कि किसानों की कमर ही टूट गई है। बारिश होती तो खेती करने में लागत भी कम पड़ती।

वैसे तो मजदूरी भी इतनी बढ़ गई है कि धान की रोपनी करने के लिए एक तो मजदूर नहीं मिल रहे दूसरी मजदूरी भी अधिक पड़ रही है। बिहार सरकार का किसानों के खेत तक बिजली पहुंचाने का वादा भी अभी तक झूठा ही साबित हो रहा है।  न खेत तक पोल गड़े और न ही बिजली पहुंची है। किसानों ने आरोप लगाया कि किसी की भी सरकार हो,किसी का ध्यान किसानों पर नहीं रहता।

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