पुर्णिया: सरकार हादसे का इंतजार कर रही है उसके बाद शुरु होगा सड़क निर्माण!

निक्कू झा/पुर्णिया
चंपानगर/बिहार:  केनगर प्रखंड अंतर्गत चंपानगर श्रीनगर पथ से गंगासागर मार्ग की ओर जाने वाली पथ के पास सड़क रेगिस्तान में तब्दील हो गयी है । बारिश से कई जगह सड़क कटाव ग्रस्त हो चुकी है। जो पल-पल  दुर्घटनाओं को दावत दे रहा है। उल्लेखनीय है कि चंपानगर श्रीनगर पथ का पक्कीकरण करीब 8 वर्ष पूर्व पथ निर्माण विभाग की ओर से किया गया है ।सड़क निर्माण के 2 वर्ष बाद ही टूटना प्रारंभ हो गया और कुछ ही दिनों में चंपानगर से चरैया रहिका गांधी चौक तक सड़क के बड़े बड़े रोड़े आवाजाही वाले व्यक्तियों के लिए नासूर बन चुका है।
वर्तमान हालत ऐसी है कि गंगा सागर मार्ग के पास सड़क टूटकर रेगिस्तान में तब्दील हो जाने से सफर तय करना मौत को बुलाने जैसी विकट स्थिति उत्पन्न हो गई है। सड़क निर्माण के बाद आज तक कोई भी अधिकारी एवं ठेकेदार सड़क की सुध लेने नहीं पहुंचे। मुख्यमंत्री सेतू योजना अंतर्गत करीब 5 साल पूर्व चंपानगर श्री नगर पथ में कारी कोसी नदी पर पुल का निर्माण किया गया है। पुल के दोनों तरफ एप्रोच पथ में मिट्टी भराई के बाद आज तक पक्कीकरण नहीं हो पाया है।
यहां भारी वाहन तो क्या साइकिल से चलना दुर्लभ हो गया है। मालूम हो कि यह सड़क इतनी महत्वपूर्ण है कि के नगर प्रखंड के कोहबारा पंचायत के अलावा श्रीनगर प्रखंड क्षेत्र के कई पंचायतों होकर यह मार्ग गुजरकर पूर्णिया जिले के अलावा अररिया से बंगाल प्रांत तक जाती है। करीब 2 वर्ष पूर्व एप्रोच पथ के पक्कीकरण एवं सड़क के पुनः पक्कीकरण के लिए ग्रामीणों ने सड़क जाम भी किया था। स्थानीय पूर्व मुखिया विजय प्रकाश गौतम द्वारा तत्कालीन आपदा मंत्री लेसी सिंह से मोबाइल पर मिले आश्वासन से जाम हटवाया गया था।
लेकिन आज तक न तो एप्रोच पथ का पक्कीकरण हो पाया है और ना ही सङक जीर्णोद्धार हो पाया। विदित हो कि यह सड़क धमदाहा, बनमनखी ,के नगर, श्रीनगर, जलालगढ़ एवं कसबा प्रखंड को बहुत कम ही दूरी में जोड़ती है। 3 विधायकों के विधानसभा सम्बल प्राप्त भी यह सड़क जीर्णोद्धार नहीं हो पाया है ।जनप्रतिनिधियों की उदासीनता एवं विभागीय आलाधिकारियों की अनदेखी रवैये से इस क्षेत्र की जनता काफी आक्रोशित हैं।
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