पूर्णिया में स्वच्छ भारत अभियान कार्यक्रम के अन्तर्गत जागरूकता कार्यक्रम

प्रियांशु आनंदय/पूर्णिया

पूर्णिया/बिहार: महाविद्यालय छात्रावासों एवं महाविद्यालय परिसर की साफ सफाई व स्वच्छ भारत अभियान कार्यक्रम के अंतर्गत भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के द्वारा जागरूकता अभियान चलाया गया। जिसमें महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ राजेश कुमार छात्र छात्राओं को स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्य को बताते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं आम लोगों की जीवन स्थितियों में सुधार लाना है और ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन स्वाभाविक रूप से इस कार्यक्रम का महत्वपूर्ण घटक है।

कचरा या अवशिष्ट सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं साफ सफाई के लिए एक गंभीर खतरा है। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पन्न होने वाला कचरा मुख्य रूप से जैविक होता है लेकिन निपटान के गलत तौर तरीकों के कारण गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इससे जल जनित बीमारियां मसलन दस्त, मलेरिया, डेंगू, हैजा और टाइफाइड आदि फैल सकते हैं। अनुमान है कि ग्रामीण भारत में प्रतिदिन 3-4 लाख मीट्रिक टन इस्तेमाल करने लायक ठोस जैविक कचरा उत्पन्न होता है और यहां 88 प्रतिशत बीमारियां स्वच्छ पानी, साफ-सफाई और समुचित ठोस अवशिष्ट प्रबंधन की कमी के कारण होती है।

इसके साथ ही ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जल-मल प्रबंधन भी एक गंभीर चुनौती है। सभी छात्र छात्राओं द्वारा महिला एवं पुरूष छात्रावास के आसपास साफ सफाई के साथ साथ  महाविद्यालय परिसर से पॉलीथीन चुनकर हटाया गया तथा पॉलीथिन का प्रयोग न करने की शपथ ली गई। इस मौके पर महाविद्यालय के अन्य वैज्ञानिक डॉ पारसनाथ, डॉ जेएन श्रीवास्तव, डॉ पंकज कुमार यादव, डॉ तपन गोराई,  डॉ श्यामबाबू साह, अनुपम कुमारी, जेपी प्रसाद, मणिभूषण, उमेश कुमार, गिरीश कुमार दास, नवीन लकड़ा ने सहयोग प्रदान किया। जबकि कृषि महाविद्यालय के छात्राओं में साबिया शमीम, कृति, नेहा, विभा, नूतन, सूधा, रजनी, अंशुली, श्वेता, मोना, रिचा, अंशु, तथा छात्रों में दीपक, सुधांशु, देवाषीस, राहुल कुमार गुप्ता, रिजवान एवं  अमन आदि ने कार्यक्रम आयोजन में सक्रिय रूप से सहयोग प्रदान किया।

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