पुर्णिया: BEST एप की ट्रेनिंग शुरु, अब स्कूल से फरार कर बच नहीं पाएंगे

नीरज झा/पुर्णिया

पुर्णिया/बिहार:  जिला के डीईओ, डीपीओ, बीईओ, प्रखंड साधन सेवी संबंधित संकुल के सभी अधिकारी  प्रारंभिक विद्यालय की मॉनिटरिंग कर सकते हैं। इसको लेकर शुक्रवार को जिले के सभी बीईओ, सीआरसी व बीआरपी को बीईएसटी एप की ट्रेनिंग दी गई। ट्रेनिंग शहर के डॉन बॉस्को स्कूल  में सर्व शिक्षा अभियान के विनोद कुमार ने दी। जिसमें बीइएसटी एप की सभी पहलू से अवगत कराया गया। “बीईएसटी” मतलब यानि बिहार ईजी स्कूल ट्रैकिंग (बीईएसटी)। एप में सरकारी स्कूलों की निगरानी,  प्राथमिक और मध्य विद्यालय अब समय पर खुले या नहीं, स्कूल से गायब रहने वाले शिक्षकों की ट्रैकिंग के बारें में बताया गया।

वहीं एप  के सभी सवाल को एक-एक कर बताया गया। जिसमें भ्रमण की तिथि व समय पर विद्यालय खुला था या नहीं, प्रधानाध्यापक या शिक्षक की उपस्थिति क्या है, नामांकन के विरुद्ध विद्यार्थियों की उपस्थिति, मध्याह्न भोजन बना था या नहीं एवं उसकी गुणवत्ता कैसी है, कक्षावार समय सारणी की उपलब्धता व समय सारणी के अनुसार वर्ग कक्षा का संप्रेषण गत माह में मूल्यांकन हुआ या नहीं विद्यालय में स्वच्छता की स्थिति बालक एवं बालिका शौचालय की उपलब्धता एवं क्रियाशीलता की स्थिति शामिल है।

वहीं एसएसए डीपीओ रतीश कुमार झा ने बताया कि इस एप के माध्यम से स्कूल संबंधित सभी गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी। जिसके कारण स्कूलों में छात्र व शिक्षकों की उपस्थिति बढ़ेगी। वहीं इससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था के साथ गड़बड़ियों पर रोक लगाई जा सकेगी। ट्रेनिंग में 163 सीआरसी, 42 बीआरपी व 15 बीईओ उपस्थित थे। वहीं एसएसए के सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी उज्जवल सरकार के अलावा अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।
क्या है बीईएसटी एप
बिहार शिक्षा परियोजना परिषद की पहल पर यूनिसेफ के माध्यम से यह मोबाइल एप (एंड्राइड एप्लीकेशन आधारित) विकसित किया गया है। इस मोबाइल एप में विद्यालय का नाम, यू-डायस कोड, संकुल संसाधन केंद्र, प्रखंड, जिला, विद्यालय का प्रबंधन, विद्यालय का प्रकार, विद्यालय की कोड, विद्यालय का लैटट्यूड और लांगिट्यूड उपलब्ध रहेगा। यह मोबाइल एप जीपीएसयुक्त है। मॉनिटरिंग करने वाले अधिकारी विद्यालय परिसर से 200-300 मीटर की दूरी पर इससे जानकारी लोड कर सकेंगे। एप पर कक्षा व स्कूल की तस्वीर भी अपलोड की जा सकती है।
कई स्तरों पर होगी मॉनिटरिंग
इस एप के जरिए राज्य से लेकर प्रखंड स्तर तक मॉनिटरिंग की जायेगी। जिसमें शिक्षा मंत्री, प्रधान सचिव, बीईपी परियोजना निदेशक, सभी निदेशक शिक्षा विभाग, निदेशक मध्याह्न भोजन, बीईपी के एसपीडी राज्य के सभी विद्यालयों की मॉनिटरिंग कर सकते हैं। वहीं जिला में डीईओ, डीपीओ, बीईओ, प्रखंड साधन सेवी संबंधित संकुल के सभी प्रारंभिक विद्यालय की मॉनिटरिंग कर सकते हैं। संकुल संसाधन केंद्र समन्वयक संबंधित संकुल के सभी प्रारंभिक स्कूलों की मॉनिटरिंग करेंगे। यूनिसेफ के प्रतिनिधि राज्य के सभी प्रारंभिक विद्यालय की मॉनिटरिंग कर सकते हैं।

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