पटना: स्कूल से फरार रहनेवाले या देर से पहुंचने वाले शिक्षक अब BEST में पकड़े जाएंगे

नीरज झा/पटना
पटना /बिहार:  राज्य मे समय पर स्कूल नहीं खुलने की बात अब पुरानी हो जायेगी। वहीं गुरू जी  का बहाना भी नहीं चलेगा। डिजिटल तरीका अपनाकर सरकार ने इसके लिए अपनी तीसरी आंख को इसमें लगा दिया है। जी हां इसका नाम है BEST यानि बिहार ईजी स्कूल ट्रैकिंग।  अब इसी BEST एप के माध्यम से सरकारी स्कूलों की निगरानी होगी। राज्य के प्राथमिक और मध्य विद्यालय अब समय पर खुलेंगे। स्कूल से गायब रहने वाले गुरू जी की  अब ट्रैकिंग होगी। देर से स्कूल खुलने पर प्रधानाध्यापक सहित अन्य शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई होगी। स्कूलों में छात्र व शिक्षकों की उपस्थिति बढ़ेगी। वहीं इससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था के साथ गड़बड़ियों पर रोक लगाई जा सकेगी।
क्या है BEST ?
बिहार शिक्षा परियोजना परिषद की पहल पर यूनिसेफ के माध्यम से यह मोबाइल एप (एंड्राइड एप्लीकेशन आधारित) विकसित किया गया है। इस मोबाइल एप में विद्यालय का नाम, यू-डायस कोड, संकुल संसाधन केंद्र, प्रखंड, जिला, विद्यालय का प्रबंधन, विद्यालय का प्रकार, विद्यालय की कोड, विद्यालय का लैटट्यूड और लांगिट्यूड उपलब्ध रहेगा। यह मोबाइल एप जीपीएसयुक्त है। मॉनिटरिंग करने वाले अधिकारी विद्यालय परिसर से 200-300 मीटर की दूरी पर इससे जानकारी लोड कर सकेंगे। एप पर कक्षा व स्कूल की तस्वीर भी अपलोड की जा सकती है।
मॉनिटरिंग होगी
इस BEST एप के जरिए राज्य से लेकर प्रखंड स्तर तक मॉनिटरिंग की जा सकेगी। जिसमें शिक्षा मंत्री, प्रधान सचिव, बीईपी परियोजना निदेशक, सभी निदेशक शिक्षा विभाग, निदेशक मध्याह्न भोजन, बीईपी के एसपीडी राज्य के सभी विद्यालयों की मॉनिटरिंग कर सकते हैं। वहीं जिला में डीईओ, डीपीओ, बीईओ, प्रखंड साधन सेवी संबंधित संकुल के सभी प्रारंभिक विद्यालय की मॉनिटरिंग कर सकते हैं। संकुल संसाधन केंद्र समन्वयक संबंधित संकुल के सभी प्रारंभिक स्कूलों की मॉनिटरिंग करेंगे। यूनिसेफ के प्रतिनिधि राज्य के सभी प्रारंभिक विद्यालय की मॉनिटरिंग कर सकते हैं।
एप पूछेगा ये सवाल
एप में ये सवाल रहेगा, जिसमें भ्रमण की तिथि व समय पर विद्यालय खुला था या नहीं, प्रधानाध्यापक या शिक्षक की उपस्थिति क्या है, नामांकन के विरुद्ध विद्यार्थियों की उपस्थिति, मध्याह्न भोजन बना था या नहीं एवं उसकी गुणवत्ता कैसी है, कक्षावार समय सारणी की उपलब्धता व समय सारणी के अनुसार वर्ग कक्षा का संप्रेषण गत माह में मूल्यांकन हुआ या नहीं विद्यालय में स्वच्छता की स्थिति बालक एवं बालिका शौचालय की उपलब्धता एवं क्रियाशीलता की स्थिति शामिल है। यानि विधालय की हर गतिविधि का ख्याल रखेगा बीईएसटी एप। जहां अब गुरू जी  कागजी खानापूर्ति नहीं कर सकते हैं।
मैनेज सिस्टम नही चलेगा
पूर्णिया एसएसए के डीपीओ रतीश कुमार झा ने बताया मैनेज वाला सिस्टम अब खत्म होगा। कागज कलम वाली जांच अब खत्म होगी। स्कूलों की जांच में पारदर्शिता आयेगी। वहीं जांच के लिए स्कूल में उपलब्ध रहना होगा। यानि ऑफिस में बैठ कर जांच नहीं किया जा सकता है। किसी तरह की लापरवाही अब बर्दाशत नहीं होगी। रिपोर्ट सीधे सरकार तक पहुंचेगी ।
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