शहर के अस्थाई ऑटो स्टैंड से बैरियर के नाम पर वसूली जा रही है रंगदारी!

प्रियांशु आनंद/पूर्णिया

पूर्णिया/बिहार:  शहर की अस्त व्यस्त ट्रैफिक व्यवस्था को पटरी पर लाने की पहल पिछले साल की गई थी और इसी के तहत शहर के पांच व्यस्त चौराहे पर ऑटो स्टैंड बनाने को लेकर मुहर लगाई गई थी। करीब दो वर्ष पूर्व ऑटोरिक्शा स्टैंड बनाने को लेकर बाकायदा स्थल निरीक्षण भी कराया गया लेकिन अबतक इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। शहर में बेतरतीब व बेपरवाह तरीके से ऑटोरिक्शा चलाने वालों पर अक्सर प्रशासनिक गाज गिरती है और इसके खिलाफ अक्सर ऑटो चालकों द्वारा धरना प्रदर्शन भी किया जाता है कि आखिर वे अपनी गाड़ी कहां पार्क करें।

इसी क्रम में 29 सितंबर 2016 को जिले के ऑटो चालकों ने नगर निगम के मुख्य द्वार पर ऑटो स्टैंड बनाए जाने को ले उग्र प्रदर्शन किया था और इसके एवज में उन्हें तीन दिनों के अंदर स्थल निरीक्षण कराए जाने और ऑटो स्टैंड जल्द से जल्द बनाए जाने का आश्वासन नगर निगम द्वारा परोसा गया था लेकिन डेढ़ साल से अधिक का वक्त बीत गया, ऑटो स्टैंड निर्माण की बात तो दूर स्थल निरीक्षण के बाद नगर निगम की बोर्ड की बैठक में इस मुद्दे को पटल पर भी नहीं रखा जा सका है। मिली जानकारी अनुसार ऑटो स्टैंड के नाम पर प्रतिवर्ष करीब 68  लाख रूपए की आमद नगर निगम को होती है। लेकिन ऑटो चालकों को सुविधा के नाम पर कुछ भी नसीब नहीं होता है।

नो इंट्री के नाम पर ऑटो चालक हो रहे परेशान 
ऑटोचालकों काे कभी नो इंट्री तो कभी सड़क किनारे ऑटो लगाए जाने का जुर्माना तो बैरियर के नाम पर अवैध वसूली का सामना करना पड़ता है। 17 फरवरी को ऑटोरिक्शा चालक संघ के जिलाध्यक्ष अमर पांडेय ने प्रशासन को आवेदन सौंपते हुए बताया कि लाइन बाजार में सिक्सलेन बनने के बावजूद ऑटो चालकों को नो इंट्री के नाम पर शोषण का शिकार होना पड़ता है। जबकि हाईवे पर सड़क किनारे बाइक, चार पहिया, ठेला व रेहड़ी संचालकों की भीड़ लगी रहती है।

वहीं परमिट के नाम पर 4200 रूपए की जगह 6000 रूपए लिए जाने व लाइसेंस फिटनेस के नाम पर हो रही मनमानी वसूली के खिलाफ भी संघ के सदस्य धरना प्रदर्शन कर चुके हैं। यही नहीं जिले के विभिन्न प्रखंडों में भी कमोबेश यही स्थिति है। इससे पूर्व 31 अक्टूबर 2017 को संघ के अध्यक्ष अमर पांडेय ने जिलाधिकारी को विभिन्न मांगों को ले ज्ञापन सौंपा था। जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में संघ के द्वारा लाइन बाजार में सिक्स लेन बनने के बाद भी वन वे को किए जाने और नगर निगम द्वारा हर वर्ष 50-60 लाख रूपए की उगाही की जाती है। लेकिन सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं दिया जाता है। अध्यक्ष ने कहा कि बस स्टैंड से जीरो माईल तक पड़ाव व ठहराव की व्यवस्था किए जाने, ऑटोरिक्शा पड़ाव बनाने, गाड़ी की संख्या अधिक होने के कारण परमिट पर रोक लगाए जाने, ऑनर बुक के आधार पर 16 किलोमीटर की परिधि तय किए जाने की मांग की गई थी।

बैरियर के नाम पर अतिरिक्त राशि वसूली जाती है
संघ के जिलाध्यक्ष अमर पांडेय ने अनुमंडल पदाधिकारी को बाकायदा आवेदन देकर बैरियर के नाम पर अवैध वसूली किए जाने की शिकायत की है। दिए आवेदन में कहा गया है कि डगरूआ में 05 रूपए की जगह 20 रूपए प्रति खेप का टोकन काटा जाता है। इसी तरह बायसी, जलालगढ़, डगरूआ, बैलौरी, बीकोठी, रूपौली, भवानीपुर में 10 रूपए से लेकर 20 रूपए तक अतिरिक्त राशि वसूली जा रही है। उन्होंने इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाने की मांग की है। बता दें कि शहर की सड़कों पर अनुमानित 7000 ऑटोरिक्शा है जो दिनभर शहर के विभिन्न हिस्सों समेत सभी प्रखंडों के लिए चलता है। प्रतिदिन बस स्टैंड से बतौर बैरियर 30 हजार रूपए ऑटो चालकों से वसूले जाते हैं लेकिन इसके बाद भी ऑटो चालकों के लिए कोई सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं।

कहां कहां बनाया जाएगा ऑटो स्टैंड
जिले के करीब 20 हजार ऑटो चालकों को नियंत्रित करने और जाम की समस्या से निजात दिलाने के मकसद से नगर निगम द्वारा बस स्टैंड, आरएन साह चौक, गिरजा चौक, लाइन बाजार, कटिहार मोड़ पर ऑटो स्टैंड बनाए जाने की घोषणा की गई। साथ ही ऑटो पड़ाव व ठहराव के लिए बस स्टैंड से जीरो माइल तक परिचालन की स्वीकृति दिए जाने संबंधी प्रशासनिक पहल की गई थी। इस बाबत सूबाई मुखिया नीतीश कुमार, आयुक्त, नगर आयुक्त, एसडीओ समेत तमाम प्रशासनिक पदाधिकारियों से ऑटो रिक्शा चालक संघ के सदस्यों ने गुहार लगाई लेकिन नतीजा सिफर रहा।

डीपीआर तैयार है जल्द शुरू होंगे कार्य
पूर्णिया नगर निगम की मेयर विभा कुमारी ने कहा शहर में ऑटोरिक्शा स्टैंड बनाने को लेकर डीपीआर तैयार किया जा चुका है और जल्द ही एस्टीमेट समेत अन्य कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद स्टैंड निर्माण का रास्ता साफ कर दिया जाएगा।

जगह चिन्हित किए गए हैं जल्द शुरू होगी कवायद
डीडीसी सह नगर आयुक्त रामशंकर ने कहा शहर के विभिन्न हिस्सों में ऑटो स्टैंड बनाए जाने को जगह पूर्व में ही चिन्हित किए गए हैं और जल्द ही नगर निगम द्वारा प्रस्ताव पारित कर ऑटो स्टैंड बनाने की कवायद तेज कर दी जाएगी।

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