पूर्णिया:जनसंख्या दिवस पर “जनसंख्या विस्फोट कृषि के लिए चुनौती”कार्यक्रम  का आयोजन

प्रियांशु आनंद/पूर्णिया
पूर्णिया/बिहार:महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना ईकाई में विश्व जनसंख्या दिवस कार्यक्रम का आयोजन गया।
इस कार्यक्रम के आयोजन का उद्धेश्य छात्र/छात्राओं को विश्व की बढ़ती हुई जनसंख्या के मानव के सामान्य जीवन पर पड़ने वाले हानिकारक प्रभाव तथा कृषि क्षेत्र में चुनौतियों के प्रति जागरुक करना है।

इस अवसर पर जनसंख्या विस्फोट कृषि के लिए चुनौती विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया जिसमें स्नातक कृषि प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया तथा निर्णायक समिति के सदस्यों द्वारा प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं प्रोत्साहन पुरस्कार हेतु चयन किया गया। साथ ही साथ इस अवसर पर स्वच्छ भारत समर इन्टर्नशिप अन्तर्गत 100 घंटे स्वच्छता कार्य का भी दैनिक मूल्यांकन भी किया गया।

विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर जनसंख्या विस्फोट कृषि के लिए चुनौती विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता में क्रमशः सुश्री श्रृंजल सुमन को प्रथम, सुश्री जय श्रीराज को द्वितीय, संगाम साहा को तृतीय एवं रिषु कुमार को प्रोत्साहन  पुरस्कार प्रदान किया गया। महाविद्यालय के वरीय वैज्ञानिक डा॰ पारस नाथ, ने बताया कि जनसंख्या विस्फोट के कारण होने वाली समस्या पर चर्चा करने के लिए प्रत्येक वर्ष 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस का आयोजन पूरे विश्व में किया जाता है। इस कार्यक्रम की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की संचालक परिषद् के द्वारा वर्ष 1989 में की गयी थी। विश्व जनसंख्या दिवस वर्ष 2018  का थीम – परिवार नियोजन मानव अधिकार है ।

वर्तमान समय में विश्व की जनसंख्या 7अरब से अधिक है। इसकी शृरुआत जनसंख्या के विस्फोट के द्वारा होने वाली समस्याओं की ओर ध्यान केन्द्रित करने के लिए इसकी शुरुआत की गयी थी। विश्व में बच्चा जनने के दौरान करीब 800 महिलाओं की प्रतिदिन मृत्यु हो जाती है। इस कार्यक्रम का उद्धेश्य परिवार नियोजन का महत्व, गरीबी, स्वास्थ्य, मानवाधिकार, गर्भनिरोधक दवाओं का प्रयोग, बालिका शिक्षा, बाल विवाह, यौन सम्बन्धी बीमारियों पर चर्चा करना है। यदि विश्व की जनसंख्या को प्राकृतिक संसाधनों के सापेक्ष रखना है तो इस पृथ्वी से करीब 3,50,000 व्यक्तियों को प्रतिदिन हटाना होगा।

विश्व की जनसंख्या का 1/8 भाग अभी भी भूखा है। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक 2050 तक विश्व की जनसंख्या 9.2 अरब होने की संभावना है। वर्ष 2050 में बढ़ती जनसंख्या के कारण होने वाली प्रमुख समस्याएँ जिनके कारण 70ः अधिक भोजन की जरुरत, 4 अरब आवादी पानी की कमी से प्रभावित, 71ः अधिक संसाधनों की जरुरत, 30ः अधिक उर्जा की आवश्यकता होगी। वर्ष2050 में भारत की जनसंख्या 165 करोड़ होने की संभावना है।

यदि आँकाड़ों की बात करें तो भारत में प्रति मिनट 25बच्चे पैदा हो रहे हैं। इस प्रकार वर्ष 2030 तक भारत विश्व का सबसे बड़ी जनसंख्या वाला देश होगा। राष्ट्रीय सेवा योजना ईकाइ के प्रभारी डा॰ पंकज कुमार यादव न बताया कि भारत मे वर्ष 2011 के जनगणना के आँकड़ों के आधार पर प्रतिवर्ग किलो मीटर जन घनत्व के मामले में 1102व्यक्तियों के साथ बिहार राज्य का भारत मेें प्रथम स्थान हैं,लिंगानुपात में 25 वें स्थान पर, साक्षरता दर 63.82 प्रतिशत के साथ 35 वें स्थान, जनसंख्या की दृष्टि से बिहार भारत का तीसरा सबसे बड़ा राज्य है। बिहार का न्यूनतम जनघनत्व वाला जिला सिहोर (1882) व्यक्ति हैं। बिहार में सर्वाधिक साक्षरता वाला जिला रोहतास (75.59ः) एवं न्युनतम साक्षरता वाला जिला पूर्णियाँ (52.49ः) है।

बिहार राज्य की करीब 88 प्रतिशत जनसंख्या गा्रमीण क्षेत्र में निवास करती हैं। जिसका मूल रूप से आजीविका का आधार कृषि है। बिहार की कुल जनसंख्या में 35.5 प्रतिशत कृषि श्रमिक, 43.57 प्रतिशत कृषि, 2.38 प्रतिशत गृह उद्योग, 18.55प्रतिशत अन्य क्षेत्र जैसे – खनन, निर्माण कार्य, परिवहन, संचार, आदि क्षेत्र के व्यवशाय पर निर्भर है।

उत्क्रमित मध्यविद्यालय, सिरिनिया  कटिहार  कें42 छात्र/ छात्राओं के साथ 8 शिक्षकों द्वारा किया गया एक दिवसीय मुख्यमंत्री शैक्षणिक भ्रमण में कृषि तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ विश्व जनसंख्या दिवस एवं  स्वच्छ भारत समर इन्टर्नशिप कार्यक्रम में भी हुए सम्मिलित।

महाविद्यालय के वैज्ञानिक श्री एस पी सिन्हा ने स्नातक कृषि में प्रवेश की प्रक्रिया के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकों में क्रमशः अनिल कुमार, मो0 जसलू के साथ साथ छात्र/छात्राओं में हसरत, अमित, राकेश, मासूम, इबरान, आजाद, दिलसाद, हसरत खातून, मुस्कान, नूसिदा, खुशी आदि सक्रिय रुप से सम्मिलित होकर जानकारी प्राप्त की। राष्ट्रीय सेवा योजना ईकाइ के स्वयंसेवक छात्र राहुल राय, नीतीश गौरव अभिजीत आनन्द, नीलाभ सिंह एवं निशा भारती आदि ने स्वच्छ भारत समर इन्टर्नशिप अन्तर्गत 100 घंटे स्वच्छता केे अन्तर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय, सिरिनिया,, कटिहार  कें 42 छात्र/ छात्राओं विशेष रुप से स्वछता के बारे में जानकारी प्रदान करने का कार्य किया।

महाविद्यालय के अन्य वैज्ञानिक डा॰ पारस नाथ, जे॰ प्रसाद, डा॰ श्री एस पी सिन्हा, डाॅ0 तपन गोराई, डा॰ रवि केसरी, श्रीमति रुबि साहा, श्री जय प्रकाश प्रसाद श्री मणि भूषण आदि ने सक्रिय  सहयोग प्रदान किया। कर्मचारियों में श्री गिरीष कुमार दास, नवीन लकड़ा ने अपना सहयोग प्रदान किया। छात्राओं में,  नीषु प्रिया, पुष्पम, निषा भारती, सोनी, निषांत अंजुम, शोभा कुमारी, जयश्री राज, संजीता कुमारी, मंजुूषा कुमारी, कुमारी ज्योत्सना आदि एवं  छात्रों में, अभिजीत कुमार, राजीव, संग्राम साहा,योगेष, महबूब आलम, आयुष, विवेक, दीपक, रोषन, शिव शंकर, सोनू, संदीप कुमार,कुमार आषीष, रितिक, विनोद कुमार, कमलेष राम, ललन कुमार, प्रवीण कुमार, एवं  विवेक कुमार  आदि ने उत्साह पूर्वक भाग लिया। इस कार्यक्रम  का संचालन तथा धन्यवाद ज्ञापन  राष्ट्रीय सेवा योजना ईकाई के पदाधिकारी डा॰ पंकज कुमार यादव द्वारा किया गया।

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