पूर्णिया:कृषि महाविद्यालय में वित्तीय साक्षरता अभियान का आयोजन

प्रियांशु आनंद/पूर्णिया
पूर्णिया/बिहार:भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय, पूर्णियाँ में मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार और बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर भागलपुर के निर्देश पर राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई एवं राष्ट्रीय कैडेट कोर के संयुक्त प्रयास से युवाओ में वित्तीय जागरूकता लाने हेतु वित्तीय साक्षरता अभियान का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के  प्राचार्य, डा0राजेश कुमार ने किया। इस अवसर पर एक दिवसीय मुख्य मंत्री बिहार दर्शन शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम में मध्य विद्यालय मोहनिया बनमनखी पूर्णिया के पाँच शिक्षकों के साथ एवं 45छात्र-छात्राओं साथ ही साथ  मध्य विद्यालय भण्डारतल, बरारी कटिहार के शिक्षक एवं सहायक शिक्षिकाओं साथ कुल40 छात्र-छात्राओं ने एक दिवसीय मुख्य मंत्री बिहार दर्शन शैक्षणिक भ्रमण के साथ साथ वित्तीय साक्षरता अभियान कार्यक्रम एवं स्वच्छता अभियान में भाग लिये तथा विभिन्न प्रकार की जानकारीयां प्राप्त की।

इस अवसर पर उन्होंनेअपने सम्बोधन में बताया कि महाविद्यालय के सभी कर्मचारीयों का वेतन, छात्र-छात्राओं की छात्रवृति एवं दैनिक श्रमिकों का भुगतान उनके बैंक खाते में किया जा रहा है।इसका मुख्य उद्देश्य भारत के गा्रमीण और शहरी क्षेत्रों को डिजिटल दुनिया से कनेक्ट हो सके। अब वह काम भारत सरकार ने भारत में रूपये के लेनदेन के लिए एक कार्ड एवं अन्य इलेक्ट्रानिक माध्यमों से करने का निर्णय लिया है,  जिससे नकद लेनदेन के तरीके में बदलाव लाया जा सके।

कैशलेस व्यवस्था लागू करने के लिए जरुरी नहीं कि किसी व्यक्ति के पास क्रेडिट, डेबिट कार्ड के अलावा बिट काइन जैसी आभासी करेंसी ही हो, बल्कि इसके कई अन्य तरीके हैं जिसमें न तो बैंक जाने की जरुरत है, न ए. टी. एम. की खोज-बीन करने की। अब तो कई बैंकिंग और आर्थिक लेन-देन वाली सेवाएं हमारे मोबाईल और कम्प्युटर से जुड़ गई हैं। जिनसे कभी भी और कहीं भी सेवा या सामान की खरीददारी हो सकती है। ऐसा ही एक तरीका ई-वाॅलेट यानी इलेक्ट्राॅनिक बटुआ, जिसकी मदद से खरीददारी करते वक्त रुपये-पैसे का भुगतान किया जा सकता है।

उन्होनें यह भी बताया कि इस महाविद्यालय की स्थापना बिहार के तीन बार मुख्य मंत्री रहे स्व॰ भोला पासवान शास्त्री के नाम पर बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री माननीय श्री नितीष कुमार द्वारा वर्ष 2010 में किया गया था।  कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की आधार शिला है, यह न केवल देश की दो तिहाई आबादी की रोजी रोटी का साधन है, बल्कि हमारी संस्कृति, सभ्यता और जिवन शैली का आइना भी है।

बिहार सरकार ने कृषि को बढावा देने के लिएं वर्ष 2010 में बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर,भागलपुर की स्थापना के साथ-साथ विभिन्न  महाविद्यालयों की स्थापना कि है जैसे बिहार कृषि महाविद्यालय, सबौर, भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय, पूर्णियाँ, उद्यान महाविद्यालय, नूरसराय नालंदा, मण्डन भारती कृषि महाविद्यालय, सहरसा, डाॅ कलाम कृषि महाविद्यालय, किशनगंज, वीर कुँवर सिंह कृषि महाविद्यालय, डुमराॅव, बक्सर तथा दुग्ध विज्ञान महाविद्यालय, पटना स्थित सभी महाविद्यालयों में  कृषि, उद्यान  एवं अन्य सम्बद्ध विधाओं में शिक्षा, शोध, प्रसार एवं प्रशिक्षण कार्य चल रहें हैं।

एक दिवसीय मुख्य मंत्री बिहार दर्शन शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम में मध्य विद्यालय मोहनिया बनमनखी पूर्णिया के प्रधानाध्यापक श्री विद्यानन्द यादव, के साथ सहायक अध्यापक श्री अनुरंजन गुप्ता एवं श्री चन्देश्वरी राय के साथ अन्य शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं संदीप, आशीष, मनीष, गणेश तथा बुलबुल, रेणु, रिचा, चांदनी, पूजा आदि ने भ्रमण किया।

साथ ही साथ अन्य विद्यालय में  मध्य विद्यालय भण्डारतल, बरारी कटिहार के प्रधानाध्यापक श्री प्रमोद प्रसाद सिंह के साथ सहायक अध्यापक श्री उपेन्द्र प्रसाद यादव, श्री अमित कुमार मौर्य, मुकंश कुमार सिंह एवं सहायक शिक्षिकाओं में उषा कुमारी जयसवाल, जीतो देवी, पुष्पा के साथ कुल 40 छात्र-छात्राओं ने एक दिवसीय मुख्य मंत्री बिहार दर्शन शैक्षणिक भ्रमण उत्साह पूर्वक भाग लेकर कृषि सम्बन्धित विभिन्न प्रकार की जानकारियां प्राप्त की।

इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना ईकाई के पदाधिकारी डा॰ पंकज कुमार यादव एवं महाविद्यालय के एनसीसी प्रभारी डा॰ अनिल कुमार के  विशेष सहयोग किया ।

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