पूर्णिया: 21 तरह के दिव्यांग छात्रों को मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ

कुमार गौरव/पूर्णिया

पूर्णिया/बिहार:  दी राइट अाॅफ पर्सन विथ डिजेबलिटी एक्ट को अब जिले के प्रारंभिक शिक्षा में लागू किया जाएगा। पहले जहां दस प्रकार के दिव्यांग छात्र छात्राओं को ही सरकारी सुविधा का लाभ मिलता था वहीं इस एक्ट के जिले में लागू होने से 21 प्रकार के दिव्यांग छात्र छात्राओं को लाभ मिलेगा। बिहार शिक्षा परियोजना के तहत अब 21 तरह के दिव्यांग छात्र छात्राओं को शिक्षा प्रदान करने के लिए नए नए प्रयास किया जा रहा है। इस एक्ट के लागू होने से दिव्यांग छात्र छात्राओं के अधिकारों को एक नई उंचाई मिलेगी। इस एक्ट से शिक्षा के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत दिव्यांगों को जो अधिकार मिला है उसका भी दायरा बढ़ेगा।

बच्चों के साथ कक्षा में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जा सकता है। उनके लिए बाधा रहित कक्ष रहेंगे। उनको निशुल्क सहायक उपकरण दिए जाएंगे। श्रवण दिव्यांग बच्चों को निशुल्क संसाधन कक्ष में स्पीच थेरेपी का कोर्स कराया जाएगा। उन्हें निशुल्क श्रवण यंत्र (हियरिंग एड) दिया जाएगा। दृष्टिहीन बच्चों के लिए निशुल्क ब्रेल किट दिया जाएगा। अस्थि निशक्त को व्हील चेयर भी दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त भी कई अन्य सहायक उपकर दिव्यांग बच्चों को उपलब्ध कराया जाएगा। बता दें कि गत दिनों जिलाधिकारी प्रदीप कुमार झा व जिला शिक्षा पदाधिकारी मिथिलेश प्रसाद की उपस्थिति में ऊर्सलाइन इंग्लिश मीडियम स्कूल में दिव्यांग बच्चों के बीच किट का वितरण भी किया गया था।

इन बीमारियों को भी किया शामिल
नए एक्ट में जिन 21 तरह दिव्यांगों की सूची जारी की गई है उसमें दृष्टि निशक्ता, लो वीजन, श्रवण निशक्ता, वाक निशक्ता, अस्थि निशक्ता, मानसिक गतिरोध, अधिगम निशक्ता, सेरेब्रल पाल्सी, ऑटिज्म बहु निशक्ता, कुष्ठ रोग से ठीक बच्चे, बौनापन, बौद्धिक विकलांगता, कस्कुलर डिस्ट्रोफी, क्रोनिक न्यूरोलोजिकल स्थिति, मल्टीपल स्लेरोसिस, थैलीसिमिया, हिमोफीलिया, सिकल सेल डिजीज, एसिड एटैक विक्टिम, पार्किंसन डिजीज शामिल हैं।

कक्षा अाठ तक की मांगी जानकारी
बिहार शिक्षा परियोजना ने डीपीओ सर्वशिक्षा अभियान से कक्षा एक से लेकर आठ तक में इस 21 प्रकार के दिव्यांग बच्चों के नामांकित होने की स्थिति में उनकी संख्या और उनसे संबंधित जानकारी भी मांगी है। साथ ही यह भी जानकारी मांगी गई है कि कक्षा एक से आठ तक में नामांकित दिव्यांग छात्र छात्राओं को ब्रेल लिपी की पुस्तक, ब्रेल किट, लो विजन किट, व्हील चेयर, ट्राईसाईकिल या अन्य सहायक उपकरण पिछले वित्तीय वर्ष 2016-17 में दिए गए हैं या नहीं।

छात्रों की होगी पहचान
जिले में इन 21 तरह की दिव्यांग छात्र छात्रा जो 6 से 14 साल के हैं उनकी पहचान के लिए विशेष पहल की जाएगी। संसाधन शिक्षक शिक्षिका के नेतृत्व में घर घर खोज अभियान चलाया जाएगा। इस तरह के बच्चों की खोज कर उनके अभिभावक से यह सहमति पत्र ली जाएगी कि वे अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए उन्हें विशेष आवासीय प्रशिक्षण केंद्र भेजेंगे। इन विशेष आवासीय केंद्र में दिव्यांग छात्र छात्राओं को घर की तरह हर सुविधा मिलेगी। विशेषज्ञ संसाधन शिक्षकों के द्वारा छात्र छात्राओं को आधुनिक ढंग से शिक्षा दी जाएगी।

दिव्यांग छात्रों को शीघ्र मिलेगा प्रशिक्षण
पूर्णिया के जिला शिक्षा पदाधिकारी मिथिलेश प्रसाद ने बताया यह नया एक्ट दिव्यांग छात्र छात्राओं के लिए काफी लाभदायक है। सभी बीईओ, संसाधन शिक्षक, प्रखंड साधनसेवी व पुर्नवास विशेषज्ञ को नए एक्ट की धाराओं का अनुपालन करने का निर्देश दिया गया है। हाल में शहर के ऊर्सलाइन इंग्लिश मीडियम स्कूल में डीएम द्वारा किट का वितरण किया गया है।

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