पूर्णिया: 10वीं की परीक्षा में किसी के उतारे बेल्ट, तो किसी ने मोबाइल पेड़ पर छुपाया

नीरज झा/पूर्णिया

पूर्णिया/बिहार:  शनिवार को जिले में चल रही मैट्रिक परीक्षा के चौथे दिन दोनों पालियों में गणित विषय की परीक्षा शांति पूर्ण माहौल में संपन्न हुई। इस दौरान कदाचार पर लगाम लगाने के लिए प्रशासनिक मुस्तैदी देखने को मिली और छात्रों के परीक्षा हॉल में जाने से पहले गहन तलाशी भी ली गई। परीक्षा के दौरान कदाचार पर अंकुश लगाने के लिए अधिकारी परीक्षा केंद्र पर पहुंचने वाले परीक्षार्थियों की गहन तलाशी ले रहे हैं। वीक्षक जहां छात्रों का बेल्ट तक उतरवा कर जांच कर रहे हैं, वहीं उन्होंने छात्रों को परीक्षा हॉल में पर्स तक ले जाने की इजाजत नहीं दे रहे हैं। दरअसल, दो दिन पहले धमदाहा में कदाचार का मामला प्रकाश में आने के बाद शिक्षा विभाग एहतियात के तौर पर और भी सख्ती अपना रहा है। बता दें कि जिले के 47 परीक्षा केंद्र में अमूमन यही स्थिति है और पूरी सख्ती के साथ मैट्रिक की परीक्षा ली जा रही है।

सर पैसे हैं जाने दीजिए न
जिला स्कूल में कदाचार रोकने के लिए ली जा रही तलाशी के दौरान एक छात्र की जेब में अधिकारियों को पुर्जी जैसी कोई चीज लगी। जिस पर उन्होंने परीक्षार्थी को लाइन से बाहर निकाला और उसको पुर्जी निकालने का आदेश दिया। इस पर छात्र ने पैसे निकालते हुए कहा सर पैसे हैं जाने दीजिए न। पैसे देखने के बाद अधिकारियों को संतोष हुआ और उसे अंदर प्रवेश करने दिया। इसके बाद अधिकारियों ने छात्रों के इंस्ट्रूमेंट बॉक्स से केवल इंच, रबर और पैंसिल आदि ही ले जाने की इजाजत दी।

अकेले हैं फोन किसको दें सर
परीक्षा देने आए एक छात्र अंकित कुमार के पास से तलाशी के दौरान मोबाईल फोन मिला। अंकित ने बताया कि वे घर से दूर परीक्षा देने आए हैं और घर से कोई साथ नहीं आ सके। इस वजह से मोबाईल ही उसका एकमात्र सहारा है। जिससे वह अपने घरवालों से संपर्क कर पाता है। ऐसे में परीक्षा के पहले अधिकारियों ने उसे मोबाईल बाहर रखने को कहा पर साथ में किसी के नहीं होने से उसने अपना फोन बाहर पेड़ के पास छोड़ना पड़ा। उसने बताया कि वह अंदर जा कर अपना फोन खुद ही वीक्षक को देने वाला था। लेकिन उसका फोन बाहर रखवा दिया गया। जिससे उसे पूरे परीक्षा के दौरान फोन के चोरी होने का भय सता रहा था।

दूसरी पाली में गणित के प्रश्न ने रूलाया
मैट्रिक परीक्षा की दूसरी पाली में गणित के कई प्रश्न सिलेबस से बाहर पूछे गए थे। छात्रों का कहना था कि प्रश्न काफी कठिन थे और कई प्रश्न आउट ऑफ सिलेबस था। वहीं उर्सलाइन कांवेंट की नेहा कुमारी, खुशबु कुमारी, सीमा कुमारी, लूसी राज, ज्योति कुमारी, नीतू कुमारी ने बताया कि आब्जेक्टिव के दस से पंद्रह प्रश्न आउट ऑफ सिलेबस थे जबकि सब्जेक्टिव प्रश्नों में भी कई सिलेबस से बाहर पूछे गए थे। जिस कारण से छात्रों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। छात्राओं और उनके अभिभावकों ने दोबारा परीक्षा लिए जाने की मांग की है।

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