मुजफ्फरपुर में 9 छात्रों की हत्या करनेवाले गाड़ी पर बीजेपी प्रदेश मंत्री का नाम लिखा था

नीरज झा/मुजफ्फरपुर

मुजफ्फरपुर/बिहार:  मुजफ्फरपुर में मीनपुर के धर्मपुर मध्य विद्यालय से जिंदगी की नई सीख लेकर निकले थे देश के नए भविष्य। मन में इस बात की खुशी थी कि आज की पढ़ाई हो गई। किसी को घर जाकर अपने मां के गले लगना था, किसी को घर जाकर अपनी बहन को मुंह चिढ़ाना था, किसी को अपने घर जाकर अपने भाई की शिकायत करनी थी, किसी को घर जाकर भोजन करना था तो किसी को घर जाकर स्कूल में हुई नए अध्याय की नई सीख के बारे में अपने माता पिता को बताना था।

घर पहुंचने की खुशी मन में पूरी तरह से समाई भी नहीं थी कि मध्य विद्यालय से निकले 9 बच्चे हमेशा हमेशा के लिए मौक की नींद में सो गए। उन्हें इस बात का जरा भी एहसास नहीं हुआ स्कूल की चहारदीवारी से बाहर पड़ने वाले उनके नन्हे कदम मौत की लकीर को पार कर जाएंगे। और सांसें उस लकीर के पार ले जाकर घुंट जाएगी।

जिन बच्चों की मौत हुई है उनकी उम्र 7-13 साल के बीच थी। शनिवार के दिन स्कूल की कक्षा बच्चे अनजाने में अपने आखिरी पड़ाव के लिए निकले थे और उनकी जिंदगी को रौंदने के लिए कोलतार की सड़क पर मौत अपनी रफ्तार से उनकी तरफ बढ़ रही थी। जिस बोलेरो गाड़ी ने इन 9 बच्चों को मौके पर ही कुचल दिया और 20 को अस्पताल में भर्ती करवा दिया उस गाड़ी पर उसी सियासी पार्टी की तख्ती सजी थी जो इनदिनों में बिहार सरकार में भागीदारी निभा रही है।

जिस बोलेरो गाड़ी से 9 बच्चों की हत्या की गई इसपर बीजेपी के प्रदेश मंत्री मनोज बैठा का नाम लिखा है। बताने वाले ये भी बता रहे हैं कि हादसे के वक्त मनोज बैठा भी गाड़ी में मौजूद थे। लेकिन इस बात की अभी पुष्टि नहीं हो सकी है। बैठा के घर वाले भी बता रहे हैं कि गाड़ी मनोज बैठा की ही है और ड्राइवर गाड़ी को लेकर गया था। बैठा के पिता जी ये भी बता रहे हैं कि बैठा पिछले चार साल से बीजेपी में नेतागिरी कर रहे हैं। लेकिन बीजेपी वाले बता रहे हैं वो बैठा को जानते ही नहीं। अगर कोई अपनी गाड़ी में बीजेपी की तख्ती लगा ले तो वो पार्टी का नेता नहीं हो जाता है।

बैठा कहां है इस बारे में किसी को पता नहीं। घरवाले को पता हो सकता है लेकिन वो बताना नहीं चाहते। अब सारी जिम्मेदारी पुलिस की है कि वो ये पता लगाए कि गाड़ी किसकी है? अगर बैठा की है तो फिर बैठा कहां हैं? पता लगाने वाली बात ये भी है कि अगर बैठा बीजेपी के प्रदेश मंत्री हैं तो फिर पार्टी इसे स्वीकार क्यों नहीं कर रही ?

Loading...