पूर्णिया: मक्के की बालियों में नहीं आया दाना, बर्बाद फसल से हताश किसान

प्रियांशु आनंद/पूर्णिया
पूर्णिया/बिहार:  भवानीपुर प्रखंड क्षेत्र के रघुनाथपुर पंचायत के दुर्गापुर गांव के सैकड़ों एकड़ में लगी मक्के की फसल की बालियों में दाना नहीं आने से किसान हताश और परेशान हैं। कुछ दिनों पूर्व तक खेतों में लहलहाती मक्के की फसल को देखकर किसान बेहद प्रसन्न थे और उन्हें उम्मीद थी कि अबकी बार अच्छी पैदावार नसीब होगी। लेकिन जब किसान मक्के की बालियों को देखने खेत तक पहुंचे तो उन्हें काफी निराशा हाथ लगी और बालियों में दाना नहीं लगने से उनकी परेशानी दोगुनी हो गई है।
किसान अपनी बर्बाद फसल को देख अवाक हैं और कुछ किसान ने तो आत्महत्या करने की भी कोशिश की। मगर आसपास के लोगों के द्वारा समझाने बुझाने पर वे शांत हुए। वहीं एक ओर किसान नवल किशोर मंडल ने कहा कि कर्ज लेकर 6 एकड़ खेत में मक्के की खेती की थी लेकिन सब बर्बाद हो गई। चार महीने की कड़ी मेहनत के बाद भी सबकुछ बेकार साबित हुआ।
पशु का चारा बनी मक्के की फसल
बर्बाद हुई मक्के की फसल को लोग काटकर मवेशी के चारा के तौर पर उपयोग में ला रहे हैं। मक्के की बालियों में दाना नहीं देख किसानों के आंखों में अांसू आ गए। रोते हुए किसान नवल किशोर मंडल कहते हैं कि इस बार अरमानों पर पानी फिर गया। सोचे थे कि इस बार फसल अच्छी होगी। उससे जो पैसा आएगा उसे महाजन को देंगे और कर्ज चुकाएंगे। मगर प्रकृति का कहर देखिए कर्ज तोड़ने के बजाए और अधिक कर्ज में किसान डूब गए। अब कहीं का नहीं रहे, किसान कर्ज कैसे तोड़ेंगे।
उन्होंने कहा कि हमें कोई देखने वाला नहीं है। इसी तरह जो किसान लीज पर जमीन लेकर फसल लगाए थे उनकी चिंता की लकीरें बढ़ गई हैं। फसल बर्बाद होने का मुख्य कारण किसान इस साल पड़ने वाली भीषण ठंड व नकली बीज को बता रहे हैं। किसानों का कहना है कि समय समय पर खाद पानी भी दिया गया मगर कोई फायदा नहीं हुआ। पीड़ित किसान नवल किशोर मंडल, कपिलदेव मंडल, मंटू मंडल, अरविंद मंडल, रमेश मंडल, राजकिशोर मंडल, हरि मंडल के अलावा सैकड़ों किसान इस फसल बर्बादी को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं।
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