बिहार में भारी ओलावृष्टि से फसल को भारी नुकसान, कई घरों के छप्पर टूटे

नीरज झा/डेस्क

पटना/बिहार:  राज्य में  मौसम ने अचानक करवट लिया तो किसानों के माथे पर चिंता की लकीर उभर आई। आसमान में  काले बादल छा गए मानो दिन में रात हो गए। तेज हवा के झोंके के साथ साथ कहीं बूंदा-बांदी हुई तो कहीं जमकर ओलावृष्टि हुई।.पूर्णिया  में शुक्रवार  अहले सुबह मौसम ने अचानक पलटी मारी। सुबह के मौसम ने लोगों को दार्जिलिंग में होने का एहसास कराया। सुबह से ही ठंडी बयार बह रही थी। दिन के दस बजे के करीब आसमान में अचानक काले घने बादल घिर आए और कुछ ही देर  तेज हवा के साथ हल्कि बारिश शुरू हूई ।किशनगंज में भी तेज हवा के साथ ओलावृष्टि हुई है। इससे मक्‍के की फसल को काफी नुकसान हुआ है। सैंकड़ों एकड़ में लगी फसल बर्बाद हो गए।

वहीं अररिया में भी ओलावृष्टि से मक्के की फसलों को भारी क्षति पहुंची। जिले के पलासी , जोकीहाट तथा कुर्साकांटा प्रखंड में गुरुवार को ही  कहीं-कहीं ओलावृष्टि हुई थी। इससे मक्के की फसल की पत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है। टेढ़ागाछ से पलासी के बीच में कालियागंज से पहले कई एकड़ मक्के की फसल प्रभावित हुई है। शुक्रवार की सुबह कहीं कम तो कहीं अधिक करीब 10 से 25 से मिनट तक बारिश  हुई है।
प्राप्त सूत्रों के अनुसार दरभंगा में भी शुक्रवार की सुबह कुछ देर के लिए अचानक मौसम का मिजाज बदला।
बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। शहरी इलाके में कम और ग्रामीण इलाके में ज्यादा ओलावृष्टि एवं बारिश हुई। शहर में कुछ देर के लिए आकाश में बादल छाया और बूंदाबांदी के आकार में छोटे ओले गिरे। जबकि जाले, कमतौल एवं बेनीपुर में जमकर बारिश हुई। दो से तीन सौ ग्राम के ओले गिरे। ओलावृष्टि से खेत में खड़ी गेहूं की फसल को क्षति पहुंची है। आम एवं लीची को नुकसान हुआ है। ओला से कई मकानों के एस्बेसटस को क्षति पहुंचने की सूचना है।
सीतामढ़ी में भी ओलावृष्टि हुई है। जिससे किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ। सीतामढ़ी में काफी बड़े आकार के ओले गिरे, जिससे फसल बुरी तरह से प्रभावित हुई।
रहें सावधान 
मौसम विभाग के मुताबिक दो अप्रैल तक राज्य में मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान जारी किया है। नेपाल के निकटतम इलाके में ओलावृष्टि हो रही है। 60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
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