बिहार के पूर्व मंत्री ने दलितों के लिए अलग देश ‘हरिजिस्तान’ की मांग की

पटना/बिहार:  बिहार के पूर्व मंत्री रमई राम ने दलितों के लिए अलग देश की मांग कर डाली है। बिहार के पूर्व मंत्री और दलित नेता रमई राम ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाती समुदाय के लोगों के लिए अलग राज्य हरिजिस्तान की मांग की है। पूर्व मंत्री रमई राम ने यहां मुजफ्फरपुर में बुधवार को कहा कि देश में अनुसूचित जाति एवं जनजाति को मिले संवैधानिक अधिकारों को छीना जा रहा है। उनके मान-सम्मान को ठेस पहुंचाया जा रहा है। इसलिए हमें हरिजिस्तान चाहिए।

रमई राम अलग देश की मांग तक ही नहीं रूके उन्होंने 2 अप्रैल को भारत बंद के दौरान मारे गए लोगों को शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग भी कर डाली। उन्होंने कहा कि भारत बंद के दौरान मारे गए लोगों को शहीद का दर्जा मिले, उनके परिजनों को आर्थिक सहायता और सामाजिक सम्मान दिया जाए। रमई राम जेडीयू के वरिष्ठ नेता हैं। जो पूर्व अध्यक्ष शरद यादव के पार्टी से बाहर जाने के बाद उनके साथ हो लिये।

रमई राम ने दावा किया कि देश की आजादी के वक्त बाबा साहेब अंबेडकर ने पाकिस्तान के बाद हरिजिस्तान की मांग की थी। उस समय हरिजिस्तान की मांग की जगह संविधान में विशेष सुविधा प्राप्त किया गया था।

रमई राम ने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की आड़ में दलितों से उनके अधिकार छीने जा रहे हैं। राम ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ भारत बंद को ऐतिहासिक बताया।

गौरतलब है कि 2 अप्रैल को हुए भारत बंद के दौरान देश में अलग अलग राज्यों में दलितों की तरफ से काफी हिंसा और आगजनी की गई थी। जिसमें हजारों करोड़ की संपत्ति बर्बाद हुई थी। कई जगह उन्मादी प्रदर्शनकारियों ने दुकानों में तोड़फोड़ की थी। कई जगह एंबुलेंस को भी नहीं चलने दिया गया था। जिससे दो बच्चों की मौत हुई थी।

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