10वीं परीक्षा के दौरान फोटो कॉपी-स्टेशनरी दुकानें बंद रहेंगी, चप्पल में देनी होगी परीक्षा

 नीरज झा/पूर्णिया
पूर्णिया/बिहार:  मैट्रिक परीक्षा को लेकर जिलाधिकारी प्रदीप कुमार झा ने केंद्राधीक्षकों व दण्डाधिकारियों के साथ सोमवार को बैठक की। जिसमें मैट्रिक परीक्षा को स्वच्छ व कदाचारमुक्त वातावरण में आयोजन के लिए परीक्षा केंद्रों पर 72 स्टैटिक दण्डाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई। इसके अतिरिक्त 13 जोनल सह गश्तीदल दण्डाधिकारी, 11 सुपर जोनल सह उड़नदस्ता दण्डाधिकारी को प्रति नियुक्त किया गया है। जो लागातार आवंटित केंद्रों के बीच घूमते रहेंगे।
प्रत्येक परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। परीक्षा केंद्रों के 500 गज की परीधि में धारा 144 के तहत निषेधज्ञा संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी के स्तर पर लागू की जायेगी। परीक्षा केंद्रों के आस-पास की सभी स्टेशनरी व फोटोस्टेट की दुकानें परीक्षा अवधि तक बंद रहेगी। इसकी जिम्मेदारी अनुमंडल पदाधिकारी को दी गई है।
सभी केंद्राधीक्षकों को डीईओ द्वारा पहचान पत्र निर्गत किया जायेगा। केंद्राधीक्षक सभी वीक्षकों व केंद्र के अन्य कर्मियों को पहचान पत्र निर्गत करेंगे। बिना पहचान पत्र के कोई भी कर्मी परीक्षा केंन्द्र  पर नहीं आ सकेगा। वहीं परीक्षा केंद्रों पर केंद्राधीक्षक व दण्डाधिकारियों के अतिरिक्त किसी भी व्यक्ति को मोबाइल फोन रखने की अनुमति नहीं है। इनके अलावे किसी अन्य के पास मोबाइल फोन मिलने पर कठोर कार्रवाई की जायेगी।
परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थी सिर्फ चप्पल में ही प्रवेश कर सकेंगे। जूता व मोजा पहने किसी भी परीक्षार्थी के प्रवेश पर पूर्णतः रोक है।  वहीं दोनों पालियों में परीक्षा शुरु होने के 30 मिनट बाद किसी भी परीक्षार्थी के प्रवेश की अनुमति नहीं दी जायेगी। वहीं परीक्षा संचालन अवधि में जिलास्तरीय नियंत्रणकक्ष टेलीफोन नंबर 06454-243000/241555 रहेगा। बैठक में एसपी, डीडीसी, सीओ, एसडीपीओ, केंद्राधीक्षक सहित प्रतिनियुक्त पदाधिकारी व पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे।
इन सेंटरों के परीक्षार्थियों का रेड कार्पेट पर स्वागत
इस बार मैट्रिक परीक्षार्थियों का स्वागत रेड कार्पेट पर होगा। वहीं जगह जगह गुब्बारे के अलावा फूल व शुद्ध पानी की व्यवस्था की जायेगी। जी हां जिले में चार केंद्रों को आदर्श केंद्र बनाया गया है। जिसमें बीबीएम पूर्णिया, मध्य विद्यालय (हरिजन) धमदाहा, सुमरीत उच्च विद्यालय,बनमनखी व मध्य विद्यालय, बायसी है। डीईओ मिथिलेश प्रसाद ने बताया की परीक्षा के भय को दूर करने के लिए पहली बार सरकार ये प्रयास कर रही है। बिहार में प्रयोग के तहत इसकी शुरुआत की जा रही है। इससे परीक्षा देने वाले परीक्षार्थी को परीक्षा नहीं बल्कि उत्सव का माहौल जैसा लगेगा। इसके लिए इन केंद्रों को 25 हजार रुपया आवंटित किया गया है।
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