कर्नाटक चुनाव: कांग्रेस के समर्थन में 220 लिंगायत मठ, बीजेपी के सामने बड़ी चुनौती

कर्नाटक:  कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की आशीर्वाद यात्रा कर्नाटक विधानसभा में रंग ला रही है। अपनी इस यात्रा के दौरान उन्होंने राज्य के मंदिर मठों और जनता की खूब भक्ति की थी। अब उनकी भक्ति का प्रसाद मिलना शुरु हो रहा है। कर्नाटक के 220 लिंगायत मठों ने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को समर्थन की हामी भर दी है।

लिंगायतों ने अलग धर्मा का दर्जा पाने के लिए केंद्र सरकार के पास सिफारिश भेजी थी। लेकिन बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह साफ कह चुके हैं कि लिंगायतों को अलग धर्म का दर्जा नहीं दिया जा सकता। शाह के इस ऐलान पर मठों की तरफ से शाह को मात देने के खयाल से अब राज्य के 220 लिंगायत मठों ने कांग्रेस को समर्थन करने का फैसला कर लिया है।

शनिवार को बेंगलुरु में लिंगायतों से जुड़े 220 मठों के मठाधीशों ने शनिवार को बेंगलुरु के बसव भवन में एक बैठक की। बैठक में चित्रदुर्गा के प्रसिद्ध मुरुगा मठ के मठाधीश मुरुगा राजेंद्र स्वामी, बसव पीठ की प्रमुख माता महादेवी समेत 220 मठों के मठाधीश शामिल हुए। चर्चा के बाद सभी ने एक मत से कहा कि अमित शाह के बयान से वो दुखी हैं। ऐसे में ये फैसला लिया गया है कि सीएम सिद्धारमैया ने उनकी बात मानी है। उनकी मदद की इसलिए इसबार चुनाव में सिद्धारमैया को ही इन मठों का समर्थन मिलेगा।

दूसरी तरफ गुजरात की तर्ज पर ही राहुल अब कर्नाटक में मठों का भ्रमण कर रहे हैं। जिसके तहत शनिवार को राहुल गांधी आशीर्वाद यात्रा के 5वें चरण में बेंगलुरु के वोक्कालिग्गा समुदाय के प्रमुख मठ चुनचुनगिरी पहुंचे। यहां राहुल ने मठ के मुख्य स्वामी श्री श्री श्री निर्मलानंदा स्वामीजी से आशीर्वाद लिया। राहुल के साथ कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया भी थे।

राहुल का चुनचुनगिरी मठ पहुंचना राजनीतिक दृष्ठि से काफी अहम इसलिए है क्योंकि कर्नाटक की जनता में मठों का काफी प्रभाव है। माना जाता है जिस नेता के पक्ष में मठों ने हवा बना दी समझिये उसकी जीत पक्की है। कर्नाटक में मुख्य रूप से तीन मठ लिंगायत, कुरबा और वोक्कालिग्गा मठ हैं। इनमें से वोक्कालिग्गा मठ ओबीसी से जुड़ा है।

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