पंजाब में पहले कांग्रेस का वफादार बनो फिर मिलेगा टिकट!

पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव है। 2012 के पंजाब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को काफी बुरा अनुभव मिला। जिसके बाद अब इस चुनाव में कांग्रेस काफी संभलकर चल रही है। इसी कड़ी में कांग्रेस ने एक वफादारी फॉर्म निकाला है। वो तमाम नेता या कार्यकर्ता जो पार्टी से टिकट की उम्मीद लगाए बैठै हैं उनके लिए इस फॉर्म को भरना अनिवार्य है। इस फॉर्म को भरने के साथ उन्हें ये शपथ भी लेनी होगी कि वो पार्टी के खिलाफ बगावत नहीं करेंगे।

इस फॉर्म को भरने के पीछे मकसद ये है कि अगर किसी को चुनाव में टिकट न मिले तो वो बागी न बने। किसी भी चुनाव में किसी भी पार्टी के लिए सबसे ज्यादा मुश्किल उसके बागी ही खड़ी करते हैं। पिछले पंजाब विधानसभा चुनाव में भी पार्टी के साथ ऐसा ही हुआ था। 2012 के चुनाव में टिकट न मिलने की वजह से पार्टी के तकरीबन 20 नेता बागी हो गए थे। और पार्टी से बगावत कर उन्होंने या तो निर्दलीय चुनाव लड़ा था या फिर वो किसी दूसरे दल में शामिल हो गए थे। पार्टी के लिए ये बुरा इसलिए रहा क्योंकि उन 20 सीटों पर कांग्रेस काफी कम मतों के अंतर से हारी थी।

इसलिए पिछली हार से सीख लेते हुए पार्टी इसबार पहले से सचेत है। हलांकि इसी तरह का वफादारी का फॉर्म कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में भी भरवाया था। इसके बारे में कांग्रेस नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह का कहना है कि ये बिल्कुल सही है। इस फॉर्म को भरने के बाद भी अगर कोई गद्दारी करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी। वहीं विरोधी कांग्रेस के इस वफादारी फॉर्म पर निशाना साधते हुए कह रहे हैं कि कांग्रेस के पास न तो नेता है और न ही नीति। इसी वजह से वो पहले से डरी हुई है।
-Punjab Assembly Election, Amrinder Singh

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