बवाना आग: लाइसेंस मिला था गुलाल बनाने का, लेकिन तैयार कर रहे थे पटाखे

बवाना आग: लाइसेंस मिला था गुलाल बनाने का, लेकिन तैयार कर रहे थे पटाखे

नई दिल्ली:  दिल्ली के बवाना इंडस्ट्रीयल एरिया के सेक्टर 5 में एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। जिसमें झुलसकर 17 लोगों की मौत हो गई। अबतक ये बात निकलकर सामने आई है कि फैक्ट्री के पास ना तो फायर सेफ्टी का एनओसी था और ना ही फैक्ट्री में आग बुझाने के जरूरी इंतजाम किये गए थे।

फैक्ट्री के मालिक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है बवाना की इस फैक्ट्री में अवैध  तरीके से पटाखों का निर्माण किया जा रहा था। जबकि फैक्ट्री के पास गुलाल बनाने का लाइसेंस था। ये पैक्ट्री ढाई सौ गज में बना हुआ है। जहां की एक इमारत की तीन मंजिल में पटाखा पैकेजिंग का काम होता था। ये सारा काम अवैध तरीके से होता था क्योंकि फैक्ट्री के पास लाइसेंस तो गुलाल बनाने का था।

दिल्ली सरकार की तरफ से इस मामले में मुआवजे का एलान किया गया है। सीएम अरविंद केजरीवाल ने इस मामले की जांच के आदेश दिये हैं। साथ ही इस हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को 5-5 लाख रुपया और घायलों के लिए 1-1 लाख रुपये मुआवजे का एलान किया है।

फैक्ट्री कैसे चल रही थी उसे लाइसेंस किसने दिया इसे लेकर दिल्ली सरकार और एमसीडी एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। दिल्ली सरकार में मंत्री सतेंद्र जैन ने कहा फैक्ट्री को लाइसेंस एमसीडी की तरफ से दी जाती है। नॉर्थ एमसीडी की मेयर प्रीती अग्रवाल कह रह हैं हम जांच करवाएंगे। लेकिन एक सच ये भी है कि प्रीती अग्रवाल ही शनिवार को कैमरे पर ये कहते हुए कैद हुईं कि लाइसेंसिंग तो हमारे पास है। तो क्या इस मामले में एमसीडी की मेयर खुद को बचाने की कोशिश कर रही हैं?

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