राहुल को अयोग्य बताकर कांग्रेस की बरखा बीजेपी में शामिल हुईं

नई दिल्ली: कई सालों तक कांग्रेस में रह चुकी बरखा शुक्ला बीजेपी में शामिल हो गईं। बरखा ने कांग्रेस में राहुल के नेतृत्व पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि अगर राहुल से पार्टी नहीं संभल रही तो वो पार्टी छोड़ क्यों नहीं देते। इस बयान के अगले ही दिन पार्टी ने बरखा शुक्ला को 6 साल के लिए पार्टी से निकाल दिया। इस निष्कासन के अगले ही दिन बरखा बीजेपी में शामिल हो गईं।

बीजेपी में शामिल होने के बाद बरखा शुक्ला ने कहा उन्हें कोई पद नहीं चाहिए। वो केवल काम करने के लिए बीजेपी में शामिल हुई हैं। वो केवल काम करेंगी बिना किसी पद के लालच के। बरखा ने आगे कहा वो चुनाव लड़ने के लिए भी बीजेपी में नहीं आई हैं। सम्मान के साथ उन्हें जो भी काम दिया जाएगा वो उसे निभाएंगी। बरखा ने कहा मोदी जी की नीतियां काफी अच्छी हैं और वो उनकी कार्यशैली से काफी प्रभावित भी हैं।

बरखा ने इस मौके पर कांग्रेस पर भी निशाना साधा। बरखा ने कहा एक तरफ उधर परिवारवाद है और उन्होंने अपना असली चेहरा दिखा दिया। मुझे दुख है मैं वैसी पार्टी की सदस्य रही हूं। बरखा ने कहा मोदी के काम करने का तरीका उन्हें तब भी पसंद था जब वो कांग्रेस में थीं। लेकिन तब वो इस बारे में कुछ बोल नहीं सकती थीं। क्योंकि पार्टी के अनुशासन से वो बंधी थीं। उन्होंने कहा विरोधी पार्टी में रहने के बाद भी उन्होंने कभी मोदी जी की आलोचना नहीं की थी।

बरखा शुक्ला ने गुरुवार को कांग्रेस की महिला शाखा के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके लिए उन्होंने पार्टी के उपाध्यक्ष राहुल गांधी और दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष अजय माकन को जिम्मेदार ठहराया था। बरखा ने आरोप लगाया था कि राहुल और अजय माकन के नेतृत्व में पार्टी ने महिला सशक्तिकरण और महिला सुरक्षा के मुद्दों का इस्तेमाल केवल वोट लेने के लिए किया।

राहुल पर सीधा हमला बोलते हुए बरखा ने कहा था राहुल पार्टी का नेतृत्व करने के लिए अयोग्य हैं। इसके बाद पार्टी विरोध गतिविधि के आरोप में उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से निकाल दिया गया। इससे पहले दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके और शीला दीक्षित की सरकार में मंत्री रह चुके अरविंदर सिंह लवली भी कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो चुके हैं। कुछ महीनों पहले रविकिशन भी कांग्रेस को छोड़कर बीजेपी में शामिल हो चुके हैं।

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