अमेरिका ने 35 रूसी डिप्लोमैट्स को साइबर हैकिंग के आरोप में देश छोड़ने का आदेश दिया




नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने व्हाइट हाउस छोड़ने से 20 दिन पहले एक बड़ा फैसला लिया है। ओबामा ने अमेरिका में रूसी इंटेलिजेंस एजेंसी और उनके टॉप ऑफिशियल्स पर बैन लगा दिया है। इसके साथ ही 35 रूसी डिप्लोमैट्स को देश छोड़ने का भी आदेश दिया है।

दरअसल राष्ट्रपति चुनाव में राजनीतिक दलों और नेताओं के सर्वर्स और ईमेल्स की हैकिंग में रुस का हाथ सामने आया था। इस फैसले के बाद ओबामा ने 56 साल पुरानी विएना संधि को तोड़ दिया है। गुरुवार को राष्ट्रपति ओबामा ने ये आदेश पारित किया।

वहीं रूस की तरफ से ओबामा प्रशासन को लूजर्स कहा गया है। ओबामा की तरफ से किये गए इस कार्रवाई के बदले, बदले की कार्रवाई की धमकी भी दी है। वॉशिंगटन में रूसी दूतावास और सैन फ्रांसिस्को में उसके वाणिज्य दूतावास से 35 डिप्लोमैट्स को बाहर कर दिया गया है। उन्हें अमेरिका छोड़ने के लिए 72 घंटे का वक्त दिया गया है। इनपर अपने दायरे से बाहर जाकर काम करने का आरोप लगाया गया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा इन दिनों हवाई में छुट्टियां मना रहे हैं। हमने रूस की सरकार को कई पर्सनल और ऑफिशियल वॉर्निंग भेजने के बाद यह कदम उठाया। यह इंटरनेशनल रुल्स का वॉयलेशन करके अमेरिका के हितों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करनेवालों के खिलाफ जरुरी और सही कार्रवाई है। साथ ही ओबामा ने कहा अब सभी अमेरिकियों को रूस की कार्रवाई को लेकर सतर्क रहना चाहिए।

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