बांग्लादेश में कंडोम हुआ फेल, अब रोहिंग्या मुसलमानों की होगी नसबंदी!

नई दिल्ली:  रोहिंग्या मुसलमान केवल म्यांमार के लिए ही नहीं भारत और बांग्लादेश के लिए भी सिरदर्द बने हुए हैं। भारत में तो सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद सरकार ने कोई बड़ा फैसला नहीं किया है। लेकिन बांग्लादेश की सरकार म्यांमार से भागकर आए रोहिंग्या मुसलमानों की जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए योजनाएं तैयार कर रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इसी में से एक है उनकी नसबंदी। हलांकि नसबंदी का ये फैसला उनपर जबरन नहीं थोपी जाएगी।

बांग्लादेश सरकार ने पहले रोहिंग्या की जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए कंडोम का सहारा लिया। उनके बीच कंडोम बंटवाए गए। लेकिन वो उतना कारगर नहीं रहा। क्योंकि उनकी महिलाओं के मुताबिक पुरुष कंडोम के इस्तेमाल को सही नहीं मानते हैं। जिसके बाद अब सरकार को उनकी नसबंदी कराने का सुझाव दिया गया है।

परिवार नियोजन अथॉरिटी ने सरकार को ये सुझाव दिया है कि रोहिंग्या मुसलमानों की बढ़ती जनसंख्या रोकने के लिए उनकी नसबंदी कराई जाए। हलांकि इसे अनिवार्य नहीं बनाने की बात भी कही गई है। इससे पहले अधिकारियों ने कंडोम के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के सुझाव दिये थे। लेकिन इसमें कामयाबी नहीं मिली। अधिकारियों के मुताबिक रोहिंग्या मुसलमान कंडोम का इस्तेमाल करना पसंद नहीं करते। जिसकी वजह से केवल 549 पैकेड कंडोम ही बांटे जा सके। महिलाओं ने भी माना कि उनके पुरुष कंडोम का इस्तेमाल नहीं करना चाहते।

पिछले कुछ महीनों में 6 लाख से ज्यादा रोहिंग्या मुसलमान म्यांमार से बांग्लादेश के रिफ्यूजी कैंप में आए हैं।  फिलहाल वहां इनकी आबादी 10 लाख के करीब बताई जा रही है। उनकी ज्यादा जनसंख्या की वजह ये भी है कि उन्हें बर्थ कंट्रोल करने के बारे में जानकारी नहीं है। कई परिवारों में एक ही पिता के 19 बच्चे तक हैं और उनकी कई पत्नियां हैं।

यही वजह है कि परिवार नियोजन अथॉरिटी ने महिला और पुरुष दोनों के लिए नसबंदी शुरु करने की इजाजत मांगी है। कई रोहिंग्या रिफ्यूजी का ये भी मानना है कि कंडोम का इस्तेमाल इस्लाम के खिलाफ है। कई लोग गर्भ निरोधक गोली के लिए स्वास्थ्य केंद्र भी नहीं जाना चाहते क्योंकि उन्हें ये भ्रम था कि वहां धोखे से कोई और दवा दे दी जाएगी।

बांग्लादेश के कॉक्स बाजार में नसबंदी को काफी सफल माना जाता है। वहां हर परिवार को नसबंदी के बदले 1800 रुपये दिये जाते हैं। लेकिन इस तरह से नसबंदी कराने वाले वो लोग हैं जो बांग्लादेश के निवासी हैं। लेकिन गैर बांग्लादेशी के लिए इसे शुरु करने से पहले कमेटी की इजाजत जरुरी है। जिसके अध्यक्ष स्वास्थ्य मंत्री हैं।

Loading...

Leave a Reply