कंगाली के करीब पहुंचा बगदादी, हर तरफ चौपट हो रहा है ISIS का कोराबार




नई दिल्ली: खुंखार आतंकी संगठन ISIS कभी अलग इस्लामिक स्टेट बनाने और बसाने की बात कर रहा था। लेकिन अब हालात ये है कि संगठन पाई पाई को मोहताज हो रहा है। बगदादी ने आतंक का जो बिजनस कई देशों में फैलाया था अब वो खत्म होने के कगार पर है। हालात ये हैं कि आर्थिक मोर्चों पर ISIS लगातार अपनी जंग हारता जा रहा है। जैसे जैसे ISIS के हाथ से उसके कब्जे वाले इलाके निकल रहे हैं वैसे वैसे उसकी आर्थिक हालत पतली होती जा रही है।

इंटरनैशनल सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ रैडिकलाइजेशन एंड पॉलिटिकल वॉयलेंस की तरफ से जारी जांच रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ISIS का बिजनस मॉडल कमजोर होता जा रहा है। यह 2 014 के मध्य से ही हो रहा है जब संगठन ने बैंकों, तेल के कुओं और हथियारों के गोदामों पर कब्जा करना शुरु किया था। रिपोर्ट के मुताबिक ISIS की आमदनी साल 2014 में 1.9 अरब डॉलर से घटकर 2016 में 87 करोड़ डॉलर रह गई है।

लंदन के किंग्स कॉलेज में सेंटर के निदेशक पीटर न्यूमैन का कहना है कि आर्थिक रुप से कमजोर होने का मतलब ये नहीं है कि संगठन कम खतरनाक हो गया है। पेरिस और बर्लिन के हमलों से पता चलता है कि दोनों में से कोई भी खर्चीला नहीं था। यूरोप और यूएस में हुए हालिया हमलों को अंजाम देनेवालों ने इसका खर्च खुद ही उठाया। इसमें ISIS लीडरशिप ने थोड़ी बहुत ही मदद की थी।

न्यूमैन ने आगे कहा ISIS की आमदनी का मुख्य श्रोत टैक्स, फीस, तेल, वसूली और लूट हैं। अगस्त 2014 से अबतक ISIS इराक में 62 फीसदी और सीरिया में 30 फीसदी क्षेत्र गंवा चुका है।

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