भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का निधन

नई दिल्ली:भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी हमारे बीच नही रहे।93 साल की उम्र में आज उनका निधन दिल्ली के एम्स अस्पताल में हो गया।हालांकि वो लंबे वक्त से बीमार चल रहे थे।और 2009 से ही व्हीलचेयर पर थे।

बता दे कि 90 के दशक में बीजेपी को स्थापित करने में अटल बिहारी वाजपेयी की अहम भूमिका थी।उन्होंने उस समय बीजेपी को संभाला था जब
बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद दक्षिणपंथी झुकाव के कारण बीजेपी को राजनीतिक रूप से अछूत माना जाता था।

आइये उनके व्यक्तित्व के बारे में जाने कुछ बड़ी बाते..

-अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में हुआ था।उनके पिता कृष्ण बिहारी वाजपेयी और मां कृष्णा देवी थी।

-राजनिति में उन्होंने कदम 1942-45 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान स्वतंत्रता सेनानी के रूप में रखी थी।

-साल 1950 में उन्होंने आरएसएस की पत्रिका को चलाने के लिए कानून की पढ़ाई बीच में छोड़ दी।जिसके बाद आरएसएस में अपनी अलग पहचान बनाकर बीजेपी की आवाज बने।

-अटल बिहारी वाजपेयी 1951 से भारतीय राजनीति का हिस्सा बने।और 1955 में पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ा था लेकिन हार गए थे।

-फिर जाकर 1957 में पहली बार संसद सदस्य चुने गए थे।

-कुल 10 बार लोकसभा के सांसद रहने के बाद वह दो बार 1962 और 1986 में राज्यसभा के सांसद भी रहें।

-उन्होंने उत्तर प्रदेश, नई दिल्ली और मध्य प्रदेश से लोकसभा का चुनाव लड़ा और जीते। वहीं वह गुजरात से राज्यसभा पहुंचे थे।

-वाजपेयी 1996 में पहली बार प्रधानमंत्री बने, लेकिन संख्याबल नहीं होने से उनकी सरकार महज 13 दिन में ही गिर गई।

– 1999 की शुरुआत में उनके नेतृत्व वाली दूसरी सरकार भी गिर गई

-1999 के चुनाव में वाजपेयी पिछली बार के मुकाबले एक अधिक स्थिर गठबंधन सरकार के मुखिया बने।

-19 फ़रवरी 1999 को सदा-ए-सरहद नाम से दिल्ली से लाहौरतक बस सेवा शुरू की और उद्घाटन करते हुए प्रथम यात्री बने।

-11 और 13 मई 1998 को पोखरण में पांच भूमिगत परमाणु परीक्षण विस्फोट कर अटल बिहारी वाजपेयी ने सभी को चौंका दिया. यह भारत का दूसरा परमाणु परीक्षण था. इससे पहले 1974 में पोखरण 1 का परीक्षण किया गया था. दुनिया के कई संपन्न देशों के विरोध के बावजूद अटल सरकार ने इस परीक्षण को अंजाम दिया, जिसके बाद अमेरिका, कनाडा, जापान और यूरोपियन यूनियन समेत कई देशों ने भारत पर कई तरह की रोक भी लगा दी थी जिसके बावजूद अटल सरकार ने देश की जीडीपी में बढ़ोतरी की।

-1977 में मोरार जी देसाई की सरकार में अटल विदेश मंत्री थे।और हिंदी में भाषण देने वाले अटल भारत के पहले विदेश मंत्री बने।

-असाधारण कार्यों के लिये 2014 दिसंबर में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया।

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