रेप केस में आसाराम दोषी करार, कोर्ट ने आसाराम को बलात्कारी माना

जोधपुर:  नाबालिग से बलात्कार के आरोप में जेल में बंद आसाराम को दोषी करार दिया गया है। आसाराम को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। इस मामले में बाकी दो दोषियों को 20-20 साल की सजा सुनाई गई है। आसाराम की जोधपुर जेल में ही पेशी हुई और जेल के भीतर ही आसाराम पर फैसला सुनाया गया। इस मामले में फैसला सुनाने वाले जज मधुसूदन शर्मा सुबह तकरीबन पौने दस बजे जोधपुर जेल पहुंचे। इस मामले में तीन सह अभियुक्त में से शरत और शिल्पी को दोषी करार दिया था। जबकि प्रकाश और शिवा को बरी कर दिया गया।

आसाराम की 12 बार जमानत याचिका खारिज हुई। सेशन कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक आसाराम ने अपनी जमानत की गुहार लगाई। लेकिन हर बार उसे निराशा हाथ लगी। सुप्रीम कोर्ट में जब आसाराम की जमानत याचिका पर सुनवाई हो रही थी तो चीफ जस्टिस की टिप्पणी थी की गवाहों को डराने धमकाने की कोशिश की गई है। जिसके बाद आसाराम की जमानत अर्जी सुप्रीम कोर्ट में भी खारिज हो गई। आसाराम की तरफ से कोर्ट में 31 गवाह पेश हुए जबकि आसाराम के खिलाफ कोर्ट में 44 गवाह पेश हुए।

आसाराम पर 16 साल की लड़की को बंधक बनाकर बलात्कार करने का आरोप था। लड़की के मुताबिक आसाराम ने इलाज के बहाने उसे अपने कमरे में बुलाया था जिसके बाद उसके साथ बलात्कार किया गया। बलात्कार के आरोप में 2013 से आसाराम जोधपुर जेल में बंद हैं। आसाराम के खिलाफ 14 धाराओं के तहत मुकदमा चला। जोधपुर जेल ने 7 अप्रैल को फैसला सुरक्षित रख लिया था।

आसाराम पर आनेवाले फैसले को देखते हुए जोधपुर को किले में तब्दील कर दिया गया था। राजस्थान पुलिस के सामने हरियाणा का राम रहीम प्रकरण था। जिससे सीख लेते हुए पुलिस ने बिना किसी जोखिम या देरी के सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम किये हैं। जोधपुर में आसाराम के आश्रम को पहली ही खाली करवा लिया गया है। स्पेशल फोर्स ने सुबह जोधपुर में फ्लैग मार्च भी किया। स्टेशन से लेकर बस स्टैंड और हर आने जाने वाली गाड़ी की तलाशी ली जा रही है। होटल मालिकों को भी ये हिदायत दी गई है कि उनके यहां ठहरनेवाले हर शख्स की जानकारी पुलिस को दे।

Loading...