असम में पहली बार बनेगी बीजेपी की सरकार

असम में पहली बार बनेगी बीजेपी की सरकार

  • ईशान कोण से बदलेगा बीजेपी का वास्तु
  • कांग्रेस की लड़ाई का बीजेपी को मिला फायदा!

नॉर्थ ईस्ट…. अगर वास्तु के दृष्टिकोण से बात करें तो जिस घर में इस दिशा का वास्तु सही होता है वहां सकारात्मक उर्जा सदा प्रवाहित होती है। वास्तु की भाषा में इस दिशा को ईशान कोण कहा जाता है। यानि वो दिशा जहां से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। उसी नॉर्थ ईस्ट के राज्य असम में पहली बार बीजेपी की सरकार बनने जा रही है। ओमन चांडी का चमत्कार फीका साबित हुआ और बीजेपी सरकार बनाने की हालत में आ गई।

ये पहला मौका है जब असम में बिजेपी की सरकार बनने जा रही है। दिल्ली और बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद असम से आई खुशखबरी बीजेपी और पार्टी के लिए नई ऊर्जा देने वाली है। असम की जीत केवल एक राज्य में बीजेपी की जीत नहीं है। बल्की इस जीत के बाद अब अगले साल होनेवाले यूपी विधानसभा चुनाव में बीजेपी को बोलने के लिए काफी कुछ मिल गया है।

बिहार और दिल्ली में बीजेपी की हार के बाद लगातार विरोधी ये कहते रहे थे कि मोदी का जादू खत्म हो चुका है। लेकिन असम में मिली जीत ने ये साबित कर दिया है कि बीजेपी के पास जनता को लुभाने के ले अभी भी काफी कुछ है। उसी काफी कुछ का असर असम में दिखा दिया है। जहां बीजेपी की सरकार बनने जा रही है। इस जीत में एक खास बात ये भी है कि असम में बीजेपी ने अपना एक चेहरा सामने रखा था। सर्वानंद सोनोवाल को सामने रखकर बीजेपी चुनाव लड़ रही थी।

असम में बीजेपी की इस शानदार जीत की वजह कांग्रेस की अधूरी तैयारी भी है। क्योंकि असम में आपसी मनमुटाव की वजह से कांग्रेस ने बदरुद्दीन अजमल को तरहीज नहीं दी। नतीजा ये हुआ कि दोनों को नुकसान उठाना पड़ा। बदरुद्दीन अजमल और कांग्रेस के बीज अगर चुनाव से पहले बात बन जाती तो शायद असम के 30 फीसदी मिस्लिम वोटबैंक आपस में बंटते नहीं। जिसका फायदा कांग्रेस को होता। लेकिन ऐसा हो न सका। कांग्रेस और अजमल के बीच गतिरोध जारी रहा इस हद तक जारी रहा की चुनाव के अंत तक वो दूर नहीं हो सकी। जिसका नतीजा ये हुआ की मुस्लिम वोट बैंक बंट गए। और फायदा सीधे-सीधे बेजीपी को हुआ।

असम में बीजेपी की जीत की एक वजह ये भी रही की वहां सर्वानंद सोनेवाल को बीजेपी ने प्रोजेक्ट किया था। जिनका असम की राजनीति और वहां की जनता के बीच पकड़ है। असम में चुनावी रैली करते वक्त पीएम मोदी ने जो नारा दिया था की ‘आपकी जीवन में आनंद लाना है इसलिए सर्वानंद सोनोवाल को जिताना है  ‘ मोदी का ये नारा जनता को भा गया। और जब जनता अपनी कृपा बरसाती है तो तख्त और ताज दोनों बदल जाते हैं। यही असम में हुआ। जहां सिंहासन पर एक नये सुल्तान की तोजपोशी होनेवाली है।

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