राहुल पर जेटली का जवाब- मौसम की वजह से है महंगाई

दिल्ली: लोकसभा में महंगाई पर चर्चा हुई। जिसमें कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर महंगाई और दाल की काला बाजारी रोकने में नाकाम होने के आरोप लगाये। राहुल ने कहा ‘मोदी सरकार को उनका वादा याद दिलाना चाहता हूं। क्योंकि वो देश में महंगाई कम करने का अपना वादा भूल गए हैं।‘ राहुल ने कहा ‘पिछले दिनों एनडीए शासन का दो साल होने का जश्न मनाया गया। लेकिन उसमें कहीं भी महंगाई का जिक्र नहीं था। सरकार के नाक के नीचे दाल की कालाबाजारी हो रही है लेकिन सरकार उसको नहीं रोक पा रही है। 2014 की तुलना में 2016 में टमाटर के दाम 300 फीसदी बढ़ गए। अरहर दाल 75 रु. से बढ़कर 180 रु. प्रति किलो हो गया। हमारे समय में एमएसपी और बाजार भाव में 30 रु. का फर्क था लेकिन अब यह अंतर काफी ज्यादा हो गया है।‘ राहुल ने कहा ‘बच्चे नारे लगा रहे हैं अरहर मोदी अरहर मोदी। आप जो वादे करना चाहते हैं करिये लेकिन वो तारीख बता दीजिये जब दाल और टमाटर के दाम कम हो जाएंगे।‘

राहुल के इन सवालों के जवाब में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा ‘इस सीजन में खाने पीने की चीजों का महंगा हो जाना आम बात है। सवाल नारे देने का नहीं है आंकड़े पेश करने का है। मौजूदा सरकार ने महंगाई रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं। यूपीए सरकार के समय में नीतिगत विकलांगता की स्थिति थी। इससे महंगाई दर दहाई अंकों में पहुंच गई थी। मौजूदा सरकार ने कीमतों पर लगाम लगाने के लिए कदम उठाए हैं। यूपीए के समय में होलसेल प्राइस इंडेक्स काफी ऊंचा था, जो एनडीए के सत्ता में आने के बाद 18 महीने तक नेगेटिव था। मैं दालों और दूसरी खाद्य सामग्री की कीमतों पर राहुल के बयान से सहमत नहीं हूं। कीमतें मांग और आपूर्ति से तय होती हैं। भारत में दाल की कमी वैश्विक मंदी की वजह से है।‘

मोदी सरकार पर राहुल के आरोपों का जवाब देने के साथ साथ वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ये भी कह दिया ‘हम सरकार में दो साल से हैं। लेकिन अब भी भ्रष्टाचार और घोटाले यूपीए के समय के ही सामने आ रहे हैं।‘

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