कश्मीर में सेना को खुली छूट, पत्थरबाजों को उन्हीं की भाषा में जवाब देंगे जवान

नई दिल्ली:  रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने कश्मीर के पत्थरबाजों को और सेना की कार्रवाई पर सवाल उठाने वालों को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा है जब हालात युद्ध वाले बना दिये जाएंगे तो सेना को खुली छूट मिलनी चाहिए। क्योंकि युद्ध के हालात में सेना को क्या करना है और किस तरह से जवाब देना इसका फैसला सांसद नहीं करेंगे सेना ही करेगी।

दरअसल पत्थरबाजों को काबू में करने के लिए पिछले महीने सेना ने एक पत्थरबाज को अपनी जीप की बोनट पर बांध दिया था। जिससे जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला और पाकिस्तान की फंडिंग पर जम्मू कश्मीर में पत्थर फेंकने का धंधा चलानेवाले हुर्रियत के नेता दुखी हो गए थे। इतने दुखी हुए थे ये दोनों, कि जब पत्थरबाज को अपनी जीप से बांधनेवाले मेजर लीतुल गोगोई को सेना की तरफ से सम्मानित किया गया तो एनसी नेता उमर अब्दुल्ला और अलगाववादियों के घर चूल्हे पर हांडी नहीं चढ़ी। एनसी समर्थक महिलाएं सड़कों पर हाय हाय करने निकल पड़ीं। क्योंकि पत्थरबाज इन्हीं की शह पर घाटी का माहौल बिगाड़ रहे हैं।

उमर अब्दुल्ला के पिता फारूख अब्दुल्ला कई बार पाकिस्तान के साथ हमदर्दी और पत्थरबाजों के लिए आंसू बहा चुके हैं। उनके विवादित बयानों की लंबी फेहरिस्त है। और अब जबकि सरकार भी सेना को घाटी में हालात के मुताबिक फैसले लेने की छूट दे रही है तो उन पत्थरबाजों के हमदर्द नेताओं के पेट में मरोड़ उठने लगा है।

लेकिन इतना तय है कि आनेवाले दिनों में सेना कश्मीर में शांति बहाली के लिए कुछ कड़े फैसले लेगी। इसका मतलब ये भी है कि जो सेना अबतक सबकुछ शांत होकर सबकुछ बर्दाश्त कर रही थी अब वो देशविरोधी काम करनेवालों को जवाब भी देगी।

Loading...