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यूपी में नोट्स लेने गई लड़की और टीचर पर एंटी रोमियो स्क्वॉड का टॉर्चर!

यूपी में नोट्स लेने गई लड़की और टीचर पर एंटी रोमियो स्क्वॉड का टॉर्चर!

लखनऊ: योगी सरकार ने यूपी में जब एंटी रोमियो स्क्वॉड का गठन किया तो हर तरफ इसका स्वागत भी हुआ। लेकिन कई मामले ऐसे भी सामने आए जब एंटी रोमियो स्क्वॉड के काम करने के तरीके सवालों में घिर गए। इसके बाद सीएम को सार्वजनिक तौर पर कहना पड़ा रजामंदी से साथ बैठे लड़के-लड़कियों को परेशान नहीं किया जाए। लेकिन सीएम की इस हिदायत का असर होता हुआ दिख नहीं रहा है।

यूपी के मुरादाबाद में ऐसा ही कुछ हुआ। जब टीचर के घर नोट्स लेने गई लड़की को एंटी रोमियो स्क्वॉड ने पकड़ लिया। दरअसल मुरादाबाद पुलिस के पास किसी ने फोन कर ये बताया कि एक लड़की अकेले कमरे में एक लड़के के साथ मौजूद है। इस फोन कॉल के बाद पुलिस का एंटी रोमियो स्क्वॉड हरकत में आ गया और टीचर के घर नोट्स लेने गई लड़की को टीचर के साथ घर पर पकड़ लिया।

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दोनों ने पुलिस के सामने अपनी सफाई में कहा कि वो प्रेमी युगल नहीं हैं। दोनों ने पुलिस के सामने हाथ भी जोड़े। लड़की ने कहा कि वो केवल अपने टीचर के पास नोट्स लेने आई थी। लेकिन पुलिस ने उनकी एक न सुनी। घर के बाहर पुलिस की गाड़ी देखकर वहां भीड़ इकट्ठी हो गई।

पुलिस दोनों को थाने ले जाने पर अड़ी थी। जबकि लड़की कह रही थी अगर वो ऐसा करेंगे तो उनकी बदनामी होगी। लेकिन पुलिस इस दलील को मानने को तैयार नहीं थी। क्योंकि थानेदार की दलील थी कि अगर उन्हें थाने नहीं ले गए तो उनकी नौकरी चली जाएगी। दोनों को गाड़ी में बिठाकर पुलिस थाने ले गई। पुलिस जब लड़की को थाने ले जा रही थी तो नियम के मुताबिक साथ में महिला पुलिस होनी चाहिए थी। लेकिन वहां कोई महिला पुलिस नहीं थी।

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कई घंटे तक थाने में बिठाने के बाद पुलिस ने दोनों को बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया। लेकिन जिस तरह से पुलिस लड़की और टीचर की बात को सिरे से खारिज करते हुए अपनी जिद पर अड़ी रही उसकी वजह से दोनों की इलाके में जो बदनामी हुई क्या उसकी कोई भरपाई हो सकती है। क्या राज्य की पुलिस ने सीएम योगी की उस हिदायत को नहीं पढ़ा या सुना जिसमें उन्होंने कहा था कि बेवजह किसी को परेशान न किया जाए। एंटी रोमियो स्क्वॉड केवल मनचलों के खिलाफ बनाई गई है। शहर में घूमने वाले हर लड़के-लड़की को सजा देने के लिए नहीं।

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