अन्ना हजारे का अनशन खत्म, सरकार को मांगों पर अमल के लिए 6 महीने का वक्त

नई दिल्ली:  दिल्ली के रामलीला मैदान में पिछले 7 दिनों से जारी समाजसेवी अन्ना हजारे का अनशन खत्म हो गया है। गुरुवार को शाम के पांच बजे महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणविस ने जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया। इस मौके पर केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी मौजूद थे। मंच पर मौजूद अन्ना के साथियों का दावा है कि सरकार ने उनकी मांगें मान ली हैं। जिसके बाद अन्ना ने अपना अनशन खत्म किया।

अन्ना ने अनशन खत्म करने का एलान करते हुए कहा केंद्र सरकार ने किसानों के कृषि उपज की लागत के आधार पर डेढ़ गुना ज्यादा दाम देने का फैसला किया है। उन्होंने आगे बताया लोकपाल की नियुक्ति पर केंद्र सरकार जल्द फैसला लेगी। केंद्र सरकार को इन सारी मांगों को पूरा करने के लिए 6 महीने का वक्त दिया गया है, अगर इस वक्त सरकार उन मांगों को पूरा नहीं करती है तो दोबारा आंदोलन करेंगे।


अन्ना हजारे 23 मार्च से दिल्ली के रामलीला मैदान में अनशन पर थे। उनके अनशन का आज सातवां दिन था। अन्ना के सहयोगी दत्ता आवरी ने बताया अनशन के दौरान भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चलाने वाले अन्ना का वजन 5 किलो ज्यादा गिर गया और उनका ब्लड प्रेशर भी गिर गया।

गुरुवार को ही अन्ना ने सोशल मीडिया में एक पोस्ट लिखा था। जिसमें उन्होंने कहा कई दिनों से देख रहा हूं कि कई लोग मेरी आलोचना कर रहे हैं और मुझपर झूठे आरोप लगाकर मुझे बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। मैंने जीवन में बहुत आलोचना सहन की है। मुझे इससे कभी डर नहीं लगता ना ही उससे मैं दुखी होता हूं। मुझे देशहित के सिवा कुछ नहीं चाहिए। मुझे ना किसी से वोट मांगने हैं, ना कुछ और। दुख केवल इस बात का है कि मेरी आलोचना करनेवाले सिर्फ झूठ बोलते हैं और उसपर बात नहीं करते जो मुद्दे मैंने आंदोलन में उठाए। फिर भी भगवान उनका भला करे।

क्या थी अन्ना की मांगें?

किसनों के कृषि उपज की लागत के आधार पर डेढ़ गुना ज्यादा दाम मिले

खेती पर निर्भर 60 साल से ऊपर की उम्र वाले किसानों को प्रतिमाह पांच हजार रुपये पेंशन मिले

कृषि मूल्य आयोग को संवैधानिक दर्जा और संपूर्ण स्वायत्तता मिले

लोकपाल विधेयक पारित हो और लोकपाल कानून तुरंत लागू किया जाए

लोकपाल कानून को कमजोर करनेवाली धारा 44 और धारा 63 का संशोधन तुरंत रद्द हो

हर राज्य में सक्षम लोकायुक्त नियुक्त किया जाए

चुनाव सुधार के लिए सही निर्णय लिया जाए

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