आतंकी होने के शक पर AMU का PHD छात्र सस्पेंड, कमरे में मिले कई साहित्य

आतंकी होने के शक पर AMU का PHD छात्र सस्पेंड, कमरे में मिले कई साहित्य

नई दिल्ली:  अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी यानि AMU से पीएचडी कर रहे मन्नान वानी के आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े होने की खबर वायरल होने के बाद उसे यूनिवर्सिटी से सस्पेंड कर दिया गया है। हॉस्टल में उसके कमरे की तलाशी भी ली गई जहां से कई साहित्य बरामद  हुए हैं। मन्नान पिछले पांच साल से AMU में पढ़ाई कर रहा था। एमफिल करने के बाद अब वो पीएचडी कर रहा था।

AMU के प्रॉक्टर मोहसिन खान ने बताया कि मन्नान वाणी की इस हरकत के बाद उसे यूनिवर्सिटी से निलंबित कर दिया गया है। सेना प्रमुख बिपिन रावत ने कहा कि हालात पर हमारी नजर है। हलांकि जम्मू कश्मीर पुलिस का कहना है कि मन्नान के आतंकी होने की अभी पुष्टि नहीं की जा सकती। हथियार के साथ उसकी तस्वीर सामने आने की बात पक्की है। लेकिन तस्वीर फोटोशॉप भी की जा सकती है। सुरक्षा एजेंसियां इसकी जांच में जुटी हैं।

26 साल का मन्नान पिछले कुछ दिनों से लापता था। मन्नान जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा में लोलाब का रहनेवाला है। कल यानि रविवार को मन्नान के फेसबुक अकाउंट पर एक तस्वीर वायरल हुई थी। जिसमें मन्नान एके 47 लिये हुए है और उसके बारे में आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़ जाने की बात कही गई।

मन्नान के पिता लेक्चरर हैं और उसका भाई इंजीनियर है। मन्नान की दसवीं तक की पढ़ाई लोलाब में ही जवाहर नवोदय विद्यालय में हुई है। सोशल मीडिया पर उसकी एके 47 वाली तस्वीर वायरल होने के बाद उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आखिर एक पीएचडी का छात्र आतंकी कैसे बन गया।

इस मामले पर यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि यह बेहद ही गंभीर ममला है। इसमें गहराई से छानबीन करने की जरुरत है। उन्होंने कहा की जांच के दायरे में केवल मन्नान ही होगा सभी छात्रों की जांच नहीं की जाएगी।

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