The US economy Pakistan will continue to help

अमेरिका पाकिस्तान को देता रहेगा आर्थिक मदद, रोक वाला प्रस्ताव सदन में गिरा

अमेरिका पाकिस्तान को देता रहेगा आर्थिक मदद, रोक वाला प्रस्ताव सदन में गिरा

अमेरिका की तरफ से पाकिस्तान को आर्थिक मदद मिलता रहेगा। पाकिस्तान को दी जाने वाली मदद में कटौती से जुड़े दो विधायी संशोधन अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में गिर गए। इसके पीछे वजह ये थी की ज्यादातर सांसदों की दलील थी कि परमाणु हथियारों से संपन्न देश के साथ संबंध बरकरार रखना जरूरी है।

सदन में गिरने वाला पहला संशोधन कांग्रेस सदस्य टेड पो ने लाया था। इसमे उन्होंने गठबंधन सहयोग कोष यानि CSF में से पाकिस्तान को मिलने वाली 90 करोड़ डॉलर की मदद को कम करके 70 करोड़ डॉलर करने की मांग की थी। सदन में इस संशोधन के पक्ष में 191 मत पड़े जबकि इसके विरोध में 230 मत पड़े। जिसके बाद यह  संशोधन प्रस्ताव गिर गया। दूसरा संशोधन कांग्रेस सदस्य डाना रोहराबचर का था। जिसमें पाकिस्तान को मदद देने में कोष का इस्तेमाल न करने की मांग की गई थी। यह संशोधन भी 84-236 मतों के अंतर से गिर गया।

पाकिस्तान द्वारा युद्ध में गलत ओर खड़ा होने की दलील देते हुए पो ने कहा कि अगर उनका बस चलता तो वह पाकिस्तान को मिलने वाला पूरा पैसा रोक देते। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि अध्यक्ष महोदय, इसके पीछे एक वजह है। पाकिस्तानियों ने ओसामा बिन लादेन को छिपाया और हमें पाकिस्तान के भीतर जाकर उसे निकालना पड़ा। उन्होंने उसे छिपाया यह बात दुनिया जानती है। पो ने कहा कि हैरानी की बात है कि ओसामा बिन लादेन को छिपाए जाने की घटना के बाद पाकिस्तान में CIA के सेक्शन प्रमुख को जहर दे दिया जाता है। वह अमेरिका वापस आ गए। उनका और CIA का मानना है कि उन्हें पाकिस्तानी ISI ने जहर दिया। मैं उनसे सहमत हूं। पो का कहना था कि पाकिस्तान हर किसी के साथ खेल रहा है। हमारा पैसा लेकर यह ISI के हाथों से होता हुआ आखिरकार तालिबान और अफगानिस्तान के हाथों में जाता है। जो अमेरिकियों की ही हत्या कर रहे हैं। अपने संशोधन के लिए सहयोग मांगते हुए कांग्रेस सदस्य रोहराबेचर ने कहा कि पाकिस्तान को अमेरिकी मदद जारी रखने से उस सरकार को मजबूती और बढ़ावा मिलेगा जिसने अपने ही लोगों के खिलाफ अपराध किये हैं।

आगे उन्होंने कहा कि उस हालत में हम एक ऐसी सरकार को पैसा दे रहे होंगे जो आतंकवाद और आतंकी संगठनों की मदद से न केवल अपनी जनता का दमन करती है बल्कि अमेरिका और दूसरे स्थानों की जनता को खतरे में डालती है। हलांकि अधिकतर सांसदों ने पाकिस्तान को दी जाने वाली मदद में कटौती को लेकर पो और रोहराबेचर का समर्थन नहीं किया। पो के संशोधन का विरोध करते हुए कांग्रेस की सदस्य शीला जैक्सन ने कहा कि अमेरिका को यह ध्यान में रखना चाहिए कि पाकिस्तान के पास परमाणु क्षमता है।

संशोधनों के विरोध मे कांग्रेस सदस्य पी विस्क्लोस्की ने कहा कि निश्चित तौर पर पाकिस्तान के साथ रिश्ते बेहद मुश्किल रहे हैं लेकिन हमें याद रखना चाहिए कि हम केवल उस देश में आतंकवाद की समस्याओं पर बात नहीं कर रहे। पाकिस्तान के पास परमाणु हथियार और परमाणु क्षणताएं भी हैं।

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