तीन तलाक: संविधान से ऊपर नहीं मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड- इलाहाबाद HC

नई दिल्ली:  तीन तलाक के नाम पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और शरियत की दुहाई देनेवेलों पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गंभीर टिप्पणी की है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि देश के संविधान से ऊपर नहीं है मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड। संविधान का उल्लंघन है तीन तलाक। संविधान के दायरे में ही है पर्सनल लॉ लागू हो सकता है। पर्सनल लॉ के नाम पर महिलाओं के संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन नहीं हो सकता है।

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हाईकोर्ट ने तीन तलाक से जुड़े मामले की सुनवाई करते वक्त ये टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा पर्सनल लॉ के नाम पर मुस्लिम महिलाओं समेत सभी नागरिकों को मिले आर्टिकल 14,15 और 21 के मूल अधिकारों का उल्लंघन नहीं किया जा सकता है। जिस समाज में महिलाओं का सम्मान नहीं हो सकता उसे सभ्य नहीं कहा जा सकता है।

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मुस्लिम समाज में फतवे की प्रथा पर हाईकोर्ट ने कहा कोई भी ऐसा फतवा मान्य नहीं हो सकता जो न्याय व्यवस्था के खिलाफ हो। इस मामले पर अगली सुनवाई अब 11 मई को होगी।

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