मुलायम के घर एक भयंकर ज्वालामुखी बस फटने ही वाला है!

लखनऊ: अगर आप ये सोच रहे हैं कि मुलायम परिवार में सबकुछ सामान्य हो चुका है तो आप गलत हैं। क्योंकि लखनऊ से जो खबर आ रही है उसके मुताबिक ज्वालामुखी का मुहाना कभी भी खुल सकता है और उससे कभी भी गर्म लावा सियासत की सड़कों पर बिखर सकता है। जो एकबार फिर मुलायम परिवार को झुलसाएगा।

इसकी स्पष्ट झलक शुक्रवार को दिखाई पड़ी जब सीएम अखिलाश यादव ने अपने 70 विश्वस्त और युवा विधायकों से अकेले में मुलाकात की। यही नहीं दूसरी तरफ भी मुलाकात और बैठकों का दौर चल रहा था। जिसमें समाजवादी पार्टी के यूपी अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव मौजूद थे। इस बैठक में 40-45 मौजूदा विधायकों के टिकट पर तलवार लटकी दिखाई दे रही थी। बस उसे नेता जी के ईशारे का इंतजार है।

भरोसेमंद विधायकों के साथ सीएम अखिलेश की इस मुलाकात को टिकट बंटवारे से जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल इसबार टिकट बंटवारे की पूरी जिम्मेदारी यूपी सपा अध्यक्ष शिवपाल यादव के पास है। अखिलेश से इस बारे में कोई राय मशविरा नहीं ली जा रही है। शिवपाल की तरफ से जो नाम आगे बढ़ाया जाता है उसपर अंतिम मुहर नेता जी लगाते हैं। इसमें बीच में अखिलेश कहीं भी नहीं हैं।

सूत्र बताते हैं कि 70 विधायकों के साथ शुक्रवार की बैठक के बाद अखिलेश ने सभी से क्षेत्र में जाकर तैयारी करने को कहा है। उन्होंने विधायकों को ये भी कहा कि चिंता मत करो। अखिलेश ने विधायकों से सरकार के काम का प्रचार जोर शोर से जनता के बीच करने को कहा है। अखिलेश के करीबी के मुताबिक टिकट बांटने में जिस तरह से उन्हें किनारे किया गया है उससे वो खुश नहीं हैं। अखिलेश के करीबी ने कहा कि अगर अखिलेश पर कैंपेन की जिम्मेदारी है तो अपनी पसंद का सेना चुनने का भी उन्हें अधिकार होना चाहिए।

दूसरी तरफ शिवपाल मौजूदा विधायकों में से 40-45 के टिकट काटने के संकेत दे चुके हैं। हलांकी अभी ये साफ नहीं हो सका है कि किन किन विधायकों के नाम काटे जाएंगे। शिवपाल यादव का कहना है कि नेता जी की स्वीकृति मिलने के बाद टिकट कटने वाले विधायकों की सूची जारी की जाएगी।

सपा सरोवर के दो किनारों पर चाचा और भताजी खड़े हैं। मुलायम इसमें मल्लाह की भूमिका निभा रहे हैं। जो दोनों के मतभेद को दूर कर पास लाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन एक ध्रुव सत्य ये है कि आजतक नदी के दो किनारे साथ नहीं हो सके हैं। इसी वजह से कहा जा रहा है कि मुलायम परिवार एक ज्वालामुखी पर बैठा है। जिसमें कब विस्फोट हो जाए कोई नहीं जानता। वैसे चिंगारी तो सुलग ही रही है।

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