akhilesh yadav and mulayam yadav

मुख्तार अंसारी की एंट्री से CM Akhilesh नाराज, मुलायम के परिवार में महाभारत

मुख्तार अंसारी की एंट्री से CM Akhilesh नाराज, मुलायम के परिवार में महाभारत

कौमी एकता दल का समाजवादी पार्टी में विलय हुए कुछ घंटे ही बीते होंगे की यूपी के CM Akhilesh नाराज हो गए। ऐसा नहीं है कि सीएम की नाराजगी उबाल लेने के बाद शांत हो गई। बल्की Akhilesh के क्रोध ने यूपी कैबिनेट के एक मंत्री की बलि ले ली। कौमी एकता दल का समाजवादी पार्टी में विलय वाली रात बलराम यादव पर भारी गुजरी। क्योंकि CM Akhilesh इस विलय का सूत्रधार बलराम यादव को मान रहे थे। जिसके बाद कैबिनेट से बलराम यादव की छुट्टी कर दी गई।

मंगलवार 21 जून को जब विलय का एलान हो रहा था तब अखिलेश के चाचा शिवपाल यादव और कौमी एकता दल के नेता और मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल अंसारी प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद थे। शिवपाल की मौजूदगी में ही विलय का एलान किया गया। विलय के बाद अफजाल ने सपा के साथ चलने की कसमें भी खाई। लेकिन उस नजारे ने समाजवादी के भविष्य यानि अखिलेश यादव को नाराज कर दिया।

हलांकी सपा नेता मुलायम सिंह के भाई और CM Akhilesh के चाचा शिवपाल यादव का कहना है कि कौमी एकता दल का विलय नेताजी यानि मुलायम सिंह की इजाजत के बाद हुआ। परिवार के झगड़े पर उन्होंने कहा कि किसी में कोई मतभेद नहीं है और मुख्तार अंसारी पर उन्होंने कहा कि मुख्तार अंसारी को समाजवादी पार्टी में शामिल नहीं किया गया है। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि कौमी एकता दल मुख्तार अंसारी की पार्टी नहीं। बलराम यादव पर शिवपाल का कहना था कि ये सराकर का अधिकार है। साथ ही बलराम पर उठ रहे सवाल पर शिवपाल ने कहा कि बलराम ने विलय की पैरवी नहीं की थी।

इन सारे घटनाक्रम के बाद अब 25 जून को समाजवादी पार्टी के संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाई गई है। सूत्रों के मुताबिक उस बैठक में कौमी एकता दल का भविष्य तय होगा। कहा ये भी जा रहा है कि हो सकता है उस बैठक में कौमी एकता दल का समाजवादी पार्टी में विलय रद्द हो सकता है।
जब CM Akhilesh से कौमी एकता दल के विलय के बारे में पूछा गया तो उन्हों ने कहा कि SP ने काफी काम किया है, इतना लोगों को जोड़ा है और जिस समय पार्टी के नेता-कार्यकर्ता जमीन पर काम करने लगेंगे आपको किसी पार्टी की जरुरत नहीं होगी।

अखिलेश को इस बात का भरोसा है कि यूपी चुनाव जीतने के लिए किसी और दल की जरुरत नही है। लेकिन अखिलश की इस सोच का पता समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव को क्यों नहीं चला। कौमी एकता दल की एंट्री से महज कुछ घंटों के भीतर ही मुलायम परिवार में जिस तरह से महाभारत शुरु हुआ उसने सपा में कौमी एकता दल के विलय के भविष्य को संकट में डाल दिया है।

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