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अखिलेश यादव को सौतेली मां सता रही है? एक समाजवादी ने किया दावा

अखिलेश यादव को सौतेली मां सता रही है? एक समाजवादी ने किया दावा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मुलायम परिवार का कलह खत्म नहीं हो रहा है। हर रोज एक नया फसाद सामने आ रहा है। यही वजह है कि सीएम अखिलेश अपनी अलग राजनतीक पथ तलाश रहे हैं। अखिलेश पार्टी के साथ रहना चाहते हैं लेकिन अपनी शर्त पर लेकिन एंटी अखिलेश ग्रुप इसमें सबसे बड़ी बाधा हैं। वो ऐसा होने नहीं देना चाहते।

मुलायम परिवार में फसाद की वजह क्या है ? इसका एक नया जवाब सामने आया है। अबतक मुलायम के भाई शिवपाल यादव को विलेन माना जा रहा था। लेकिन समाजवादी पार्टी के एक एमएलसी के दावों पर विश्वास करें तो ये सारा खेल अखिलेश की सौतेली मां खेल रही है। जिसमें शिवपाल यादव एक मोहरा हैं और कोशिश अखिलेश को दरकिनार करने की है।

इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक एमएलसी उदयवीर सिंह ने समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव पर आरोप लगाते हुए कहा कि शिवपाल अखिलेश की सौतेली मां को राजनीतिक मोर्चे पर ला रहे हैं। उदयवीर ने सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव को आगाह करते हुए कहा है कि मुलायम को परिवार के बड़े लड़के के खिलाफ हो रही साजिश से सतर्क रहना चाहिए।

एटा मैनपुरी से एमएलसी उदयवीर उदयवीर सिंह ने मुलायम को चार पेज की चिट्ठी लिखी है। चिट्ठी में सीएम अखिलेश और उनकी सौतेली मां के बीच चल रहे मनमुटाव को खत्म करने के लिए कहा गया है। ये बात सामने आ रही है कि मुलायम की तरफ से अखिलेश को सीएम का चेहरा बनाए जाने के बाद उनके खिलाफ साजिश और तेज हो गई।

उदयवीर सिंह ने ‘सीएम से निजी जलन’ की भावना के सबहेड में लिखा है जबसे आपने (मुलायम) अखिलेश यादव को चुनाव में पार्टी का सीएम चेहरा बताया है तब से आपके परिवार में साजिश की शुरुआत हुई। हलांकी अभी तक अखिलेश की सैतेली मां पर्दे के पीछे ही रही हैं। उनकी जगह शिवपाल फ्रंट फुट पर खेल रहे हैं। अखिलेश की सीएम उम्मीदवारी रोकने के लिए शिवपाल ने ही पार्टी के दूसरे नेताओं से संपर्क किया।
उदयवीर ने मुलायम को लिखी अपनी चिट्ठी में इस बात का भी जिक्र किया है कि जब मुलायम सीएम थे तब पार्टी के सारे फैसले वो खुद लिया करते थे। उसी तरह से अखिलेश को भी पूरी आजादी मिलनी चाहिए। ये सलाह भी दी गई है कि पार्टी को पहले जैसी स्थिति में लाने के लिए सभी निष्कासित नेताओं को दोबारा पार्टी में लाना चाहिए।

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