अजमेर ब्लास्ट केस में दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा

नई दिल्ली: जयपुर की विशेष अदालत ने अजमेर बम विस्फोट मामले में दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने देवेंद्र गुप्ता और भावेश पटेल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले के तीसरे दोषी सुनील जोशी की मौत हो गई है। 11 अक्टूबर 2007 को अजमेर के मोइनुद्दीन हसन चिस्ती की दरगाह में हुए विस्फोट में 3 लोग मारे गए थे।




इस मामले में कोर्ट ने स्वामी असीमानंद समेत 7 आरोपियों को बरी कर दिया था। इस मामले में अभियोजन पक्ष की तरफ से 149 गवाहों के बयान दर्ज करवाए गए। लेकिन अदालत में गवाही के दौरान 24 से अधिक गवाह अपने बयान से मुकर गए थे। बचाव पक्ष की तरफ से दो गवाह पेश किये गए। इस मामले में 8 आरोपी 2010 से न्यायिक हिरासत में हैं।

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राज्य सरकार ने मई 2010 में इस मामले की जांच राजस्थान पुलिस की एटीएस शाखा को सौंप दी थी। बाद में केंद्र सरकार ने इस मामले को एक अप्रैल 2011 को एनआईए को सौंप दिया था।

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