कृषि महाविद्यालय एक दिवसीय मुख्य मंत्री शैक्षणिक भ्रमण कार्यकम का आयोजन

प्रियांशु आनंद/पुर्णिया
पुर्णिया/बिहार:राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय पूर्णिया के प्रभारी डाॅ0 पंकज कुमार यादव की देखरेख में एक दिवसीय मुख्य मंत्री शैक्षणिक भ्रमण कार्यकम के अन्तर्गत कटिहार के कुल 5 विद्यालयों के 250 से अधिक छात्र-छात्राओं के साथ 25 शिक्षकों द्वारा कृषि महाविद्यालय में भ्रमण कराया गया।

इस शैक्षणिक भ्रमण में उत्क्रमित मध्य विद्यालय सिकोरना, प्रखण्ड कदवा के कुल 40 छात्र-छात्राओं के दल के साथ 4शिक्षकों, मध्य विद्यालय मोहनपुर मनसाही कटिहार के कुल44 छात्र-छात्राओं के दल के साथ 5 शिक्षकों, मध्य विद्यालय महादेवपुर कटिहार, आदर्श मध्य विद्यालय रानीपतरा सिंघिया एवं उत्क्रमित मध्य विद्यालय बड़की रटनी, हसनगंज कटिहार के कुल 40 छात्र-छात्राओं एवं 5 शिक्षकों द्वारा मुख्य मंत्री शैक्षणिक भ्रमण योजना के अन्तर्गत भ्रमण किया गया।

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य, डा॰ राजेश कुमार ने छात्राओं को सम्बोधित करते हुए बताया कि मानव जीवन के प्रारम्भ से ही सभी को संतुलित भोजन उपलब्ध कराना एक किसानों एवं कृषि वैज्ञानिकों के लिए प्रमुख चुनौती रही है। विश्व के कई देशों में आज भी अपने नागरिकों को भरपेट भोजन उपलब्ध कराना एक बड़ा संकट है। विश्व की बढ़ती आबादी और जलवायु परिवर्तन के विश्वव्यापी खतरे के मद्देनजर भारत जैसे बड़े देशों में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चत करना और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है

हरितक्रांति के बल पर भारत ने खाद्यान्न उत्पादन मेें आत्मनिर्भर बनकर चिरकालिक अकाल और भुखमरी की भयंकर त्रासदियों से निजात तो पा ली लेकिन आबादी के एक बड़े हिस्से को मानकों के अनुरुप पोषण युक्त आहार मुहैया कराना अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। आप लोग भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय, पूर्णिया में इस भ्रमण कार्यक्रम के अन्तर्गत हमारे वैज्ञानिकों के प्रयास से महाविद्यालय में चल रहे शिक्षा शोध प्रसार एवं प्रशिक्षण के बारे में जानकारी प्राप्त करिये तो आपको लगेगा कि कृषि विज्ञान का मानव जीवन में क्या महत्व है।

इस अवसर पर मृदा वैज्ञानिक ड़ा. पंकज कुमार यादव ने छात्राओं को कम्प्युटर लैब, विभिन्न प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, राष्ट्रीय सेवा योजना, रेड रिबन क्लब, एण्टी ड्रग क्लब, वित्तीय साक्षरता अभियान, स्वच्छ भारत अभियान, दहेज प्रथा एवं बाल विवाह उन्मूलन, बनो उद्यमी अभियान तथा अन्य गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।

छात्राओं को सम्बोधित करते हुए वैज्ञानिकों डा. अनिल कुमार ने बताया कि कृषि के पढ़ाई के क्षेत्र में अपार संभावनाएं छिपी हुई है। प्रत्येक व्यक्ति को स्वस्थ्य रहने के लिए संतुलित आहार की आवश्यकता पड़ती है जिसका उत्पादन प्रतयक्ष एवं अप्रत्यक्ष रुप से किसानों की कड़ी मेहनत के द्वारा संभव होता है। कृषि स्नातक प्रवेश की प्रक्रिया के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रति वर्ष  राज्य स्तर पर प्रवेश हेतु प्रतियोगिता परीक्षा का आयोजन बिहार सरकार करती है जिसे बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा के नाम से जाना जाता है।

बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा (कृषि स्नातक) के लिए आवेदन प्रत्येक वर्ष के फरवरी माह में विभिन्न समाचार पत्रों मे प्रकाशित होता है। अधिक जानकारी के लिए बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा की वेबसाइट पर लाॅग इन कर समय समय पर देखा जा सकता है। इस अवसर पर महाविद्यालय के अन्य वैज्ञानिकों में डा॰ जे॰ एन॰ श्रीवास्तव, डा॰ जनार्दन प्रसाद,  श्री एस0 पी0 सिन्हा, डाॅ0 अनिल कुमार, डाॅ0 पंकज कुमार यादव, श्री मिथिलेष कुमार, श्री जे0 पी0 प्रसाद, डा॰ रवि केसरी, डा॰ रुबि साहा, डा॰ श्यामबाबू साह, डा॰ तपन गराइ, श्री मणिभूषण, श्री माचाउदय कुमार एवं कर्मचारियों में श्री उमेश कुमार एवं नवीन लकड़ा के साथ-साथ अन्य वैज्ञानिक एवं कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता रही। इस अवसर पर स्नातक कृषि प्रथम वर्ष में अध्ययनरत छात्र श्री संदीप कुमार, कुमार आशीष,  मृणाल कुमार, श्री प्रत्युष भूषण एवं श्री मयंक कुमार सिन्हा के साथ छात्राएं अनुपम कुमारी, मनीषा कुमारी तथा शिवांगी गुप्ता ने अपना सहयोग प्रदान किया।

एक दिवसीय मुख्य मंत्री शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम के अन्तर्गत कटिहार के विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों में क्रमशः श्री अमरेन्द्र कुमार सिंह, श्री अखिलेश कुमार यादव, जगन्नाथ मंडल, श्री भूपेन्द्र प्रसाद विश्वास एवं श्री जगदीश महतो के साथ-साथ अन्य सहायक शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं की सक्रिय भागीदारी रही।

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