परमाणु क्षमता वाले अग्नि-5 का सफल परीक्षण, पूरा पाकिस्तान, चीन तक इसकी पहुंच




नई दिल्ली: अग्नि-5 का सफल परीक्षण सोमवार को किया गया है। ये परीक्षण ओडीशा के अब्दुल कलाम आईलैंड से किया गया। डीआरडीओ का दावा है कि अग्नि-5 की मारक क्षमता 5000 किलोमीटर तक है। इसकी जद में पूरा चीन और पाकिस्तान, आधा यूरोप आता है। यानि अग्नि-5 के कामयाब परीक्षण के बाद पूरा एशिया इसकी पहुंच में है।

अग्नि-5 की कामयाबी के बाद भारत इंटर कॉन्टिनेंटल बैलेस्टिक मिसाइल यानि आईसीबीएम बनाने वाला भारत पांचवां देश है। इससे पहले अमेरिका, फ्रांस, रुस और चीन आईसीबीएम तैयार कर चुके हैं। ये सतह से सतह पर मार करनेवाली इंटरकॉन्टिनेंटल रेंज की मिसाइल है। इसके दूसरे और तीसरे टेस्ट में ये बात साबित हुई थी कि यह मिसाइल 20 मिनट में लक्ष्य तक पहुंच सकता है।

अग्नि-5 के सफल परीक्षण पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने डीआरडीओ को बधाई दी है। उन्होंने कहा इस मिसाइल से भारत की सामरिक और रक्षात्मक क्षमता मजबूत होगी।

अग्नि-5 में रिंग लेजर गायरोस्पेस तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। जिसके चलते इससे सटीक निशाना लगाना संभव है। इसके निर्माण में 85 फीसदी स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल हुआ है। अग्नि-5 1000 किलो वॉरहेड ले जा सकती है। इसकी लंबाई 17 मीटर है और वजन 50 टन है। इस मिसाइल को आसानी से डिटेक्ट नहीं किया जा सकता है। इसमें ठोस ईंधन का इस्तेमाल किया गया है। एक बार छोड़ने के बाद इसे रोका नहीं जा सकेगा।

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