दो महीने तक कोमा में रहने के बाद अब फिट है आतंकियों का काल ‘चेतन चीता’

नई दिल्ली: दो महीने तक कोमा में रहने के बाद सीआरपीएफ के कमांडेंट चेतन चीता अब पूरी तरह से फिट हो चुके हैं। उन्हें होश आ चुका है और अब वो लोगों से बातचीत भी कर रहे हैं। चीता जम्मू-कश्मीर में आतंकियों से मुठभेड़ के वक्त गंभीर रुप से घायल हो गए थे। AIIMS के डॉक्टरों ने बताया कि वो अब डिस्चार्ज होने के लिए तैयार हैं।

दो महीने पहले जब उन्हें घायल होने के बाद AIIMS में लाया गया तो उनकी हालत बेहद ही गंभीर थी। उनके सिर में गहरी चोट लगी थी, कमर के उपर शरीर पर कई जगह पर फ्रैक्चर था। उनकी एक आंख भी फूट चुकी थी। लेकिन अब वो डिस्चार्ज होने के लिए फिट हो चुके हैं।

AIIMS में ट्रॉमा और क्रिटिकल केयर के प्रोफेसर डॉ. अमित गुप्ता ने कहा हम बुधवार को चीता को घर भेजने के बारे में सोच रहे हैं। आतंकियों से मुठभेड़ होने के बाद चीता को पहले श्रीनगर के अस्पताल में भर्ती किया गया। लेकिन उनकी चोट की गंभीरता को देखते हुए उन्हें AIIMS में शिफ्ट किया गया।

ये भी पढें :

-36 घंटे में ही मोदी की अपील का असर सेना में भर्ती होने पहुंचे 20 हजार कश्मीरी युवा

-योगी सरकार का किसानों को बड़ा तोहफा 36 हजार 359 करोड़ का कर्ज माफ

AIIMS में आने के बाद सबसे पहले उनकी खोपड़ी के एक हिस्से पर बने दबाव को कम किया गया। इंफेक्शन से बचाने के लिए उन्हें हेवी ऐंटीबायॉटिक्स दिये गए और घाव लगातार साफ किये गए। जब उनकी हालत स्थिर हुई तब उनके लिए अलग अलग टीम बना दी गई। उनकी दाईं आंख फूट चुकी थी। उनके आंख के इलाज के लिए डॉक्टर तैनात किये गए। लेकिन उनकी आंख को ठीक नहीं किया जा सका। हड्डी के डॉक्टर्स ने उनके फ्रैक्चर्स पर काम किया।

उनके फिट होने के बाद उनकी पत्नी उमा ने कहा वह पक्के इरादे वाले व्यक्ति हैं और फिटनेस को लेकर जुनूनी हैं। मैं हमेशा से जानती थी कि वह ठीक हो जाएंगे।

चेतन चीता 14 फरवरी को बांदीपुरा में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में घायल हो गए थे। इस मुठभेड़ में तीन जवान शहीद हो गए थे। सर्च अभियान के दौरान जब चीता आतंकियों के ठिकाने के पास पहुंचे तभी आतंकियों ने उनपर अंधाधुंध फायरिंग शुरु कर दी। चीता को 9 गोली लगी थी। लेकिन इस हालत में चीता डटे रहे और आतंकियों पर फायरिंग जारी रखी। इस मुठभेड़ में लश्कर का खूंखार आतंकी अबू हारिस मारा गया था।

Loading...

Leave a Reply